बीशा स्कूल में वो दिन योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन

बीशा स्कूल में वो दिन योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन

DPLN ( कंडाघाट )
28 दिसम्बर। महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत परियोजना कंडाघार के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बीशा में गुरूवार को वो दिन योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। बाल विकास परियोजना आधिकारी कंडाघाट में डॉ आभा पंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस शिविर में स्कूल प्रिंसिपल निशा शर्मा व स्कूल अध्यापक, पर्यवेक्षक शकुंतला, निर्मला शर्मा, सरोज शर्मा, सत्या ठाकुर, ब्लॉक को-ओर्डिनेटर निशान्त ठाकुर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। डॉ. आभा पंवर ने बताया कि मासिक धर्म महिलाओं व किशोरियों में होने वाली प्राकृतिक क्रिया है जिसके बारे में जानना हर बढ़ती उम्र की लड़‌की के लिए जरूरी है। आमतौर पर किशोरियां इस बदलाव के लिए मानसिक तौर से तैयार नहीं होती। डॉ. पंवर ने बताया कि भासिक धर्म के दौरान शरीर में कमजोरी, शरीर भारी महसूस होना, पीठ दर्द, थकान, मुँहासे, चक्कर आना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना स्वाभाविक है, जिससे घबराना नहीं चाहिए । उन्होंने बताया कि मासिक धर्म के दौरान खून से लौह तत्व निकल जाता है जिसकी भरपाई के लिए आहार में आयरन युक्त हरी पत्तेदार सब्जिया फल दूध व दूध से बने पदार्थ जरूर ले ताकि खून की कमी को पूरा किया जा सके। उन्होंने किशोरियों को बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे। स्कूल की प्रिंसीपल निशा शर्मा ने बताया कि हमारे समाज में मासिक धर्म से जुड़ी बहुत सी भ्रांतियां फैली हुई हैं जिन्हें दूर करने के लिए सभी को आगे आना होगा। पर्यवेक वाकना घाट शकुन्तला ने प्रश्नातरी का आयोजन किया जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। इसके अतिरिक्त चित्रक‌ला प्रतियोगिता व नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गए तथा विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गए। वृत वाकनाघाट की आंगनवाड़ी कार्यकताओं ने नाटक के माध्यम से मासिक धर्म से जुड़ी भ्रान्तियों के बारे में और उन्हें दूर करने के बारे में बताया । इस दौरान उपस्थित सभी किशोरियों को सेनेटरी पैड भी वितरित किए गए।

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