चुनाव आचार संहिता के अन्र्तगत जिला में चुनाव व्यय निगरानी सर्तकता को सख्ती से अमल में लाया जा रहा है…आबिद हुसैन सादिक

चुनाव आचार संहिता के अन्र्तगत जिला में चुनाव व्यय निगरानी सर्तकता को सख्ती से अमल में लाया जा रहा है…आबिद हुसैन सादिक

DPLN ( बिलासपुर )
18 मार्च । जिला निर्वाचन अधिकारी बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने आज यहां बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों की अनुपालना करते हुए आर्दश चुनाव आचार संहिता के अन्र्तगत जिला में चुनाव व्यय निगरानी सर्तकता को सख्ती से अमल में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के दौरान जिला बिलासपुर के क्षेत्रिय अधिकार क्षेत्र के तहत नगदी ले जाने के लिए उचित दस्तावेज होने आवश्यक हैं। फलांईग स्क्वाड़ द्वारा जब्ती से बचाव के लिए नगदी के स्त्रोत और उपयोग के संबंध में प्रासंगित दस्तावेजों के अन्र्तगत ईएसएमएस साफटवेयर के माध्यम से पावती रसीद पैन कार्ड या उसकी एक प्रति भी व्यवसाय पंजीकरण प्रमाण प्रति, बैंक पासबुक अथवा बैंक विवरण की प्रति जिसमें नगदी की राशि दर्शाई गई हो साथ होनी आवश्यक है।
नियमित नगद लेन देन व्यवसाय के मामले के अर्न्तगत कैश बुक की प्रति अथवा मोबाईल ऐप के माध्यम से उत्पन्न रसीद नगदी के अंतिम उपयोग साक्ष्य अथवा विवाह निमंत्रण अथवा अस्पताल प्रवेश पर्ची साथ होनी भी आवश्यक है। यदि उम्मीदवार अथवा उसका ऐजेंट या पार्टी कार्यकर्ता की गाड़ी में पचास हजार रूपये की नगदी अथवा चुनाव के लिए प्रचार सामग्री या मादक द्रव्य शराब या हथियार अथवा उपहार वस्तुएं जिनका मुल्य 10 हजार रूपये से अधिक है जो सम्भवतः मतदाताओं को लुभाने या कोई और अवैध वस्तु पाई जाती है तो उसकी जब्ती कर ली जाएगी। यदि कोई स्टार प्रचारक अथवा पार्टी पदाधिकारी एक लाख रूपये तक से अधिक की राशि व्यक्तिगत खर्च के रूप में ले जा रहा है तो पार्टी कोषाध्यक्ष से राशि और उसकी अंतिम उपयोग के उल्लेख बारे प्रमाण पत्र होना आवश्यक है जिससे राशि जब्त नही होगी।
उन्होंने कहा कि यदि जिला बिलासपुर के अधिकारी क्षेत्र के अन्र्तगत आर्दश आचार संहिता के दौरान फलांईग स्क्वाड स्थाई निगरानी दल द्वारा किसी व्यक्ति व संस्था की नगदी या कोई और वस्तु जब्त की जाती है तो ऐसी स्थिति में संस्था अथवा व्यक् िसात दिनों के भीतर संबंधित शिकायत निवारण के लिए अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर एवं नोडल अधिकारी व्यय निगरानी सेल को अपील कर सकता है अथवा संयुक्त निदेशक आयकर विभाग में अपील कर राहत प्राप्त कर सकता है।

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