जन्म के समय लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार, राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों से बेहतर प्रदर्शनः डीसी
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (बिलासपुर )11 सितम्बर। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि जिला बिलासपुर में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अब ठोस नतीजे देखने को मिल रहे हैं। सात वर्षों की सतत मेहनत, जन-जागरूकता गतिविधियों और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप जिला में जन्म के समय लिंगानुपात और बालिकाओं के लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में जिला का जन्म के समय लिंगानुपात 968 था, जो वर्ष 2022 में नीचे गिरकर 885 हो गया था। लेकिन विभिन्न विभागीय समन्वित प्रयासों से वर्ष 2024-25 में बढ़कर 987 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि जब जिला में जन्म के समय लिंगानुपात में गिरावट दर्ज होने लगी, तब प्रशासन ने विशेष रणनीति अपनाते हुए उन पंचायतों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जहां यह अनुपात चिंताजनक था।
उन्होंने कहा कि इस दौरान बेटी जन्मोत्सव, माता-शिशु बैठकें, पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर जागरूकता कार्यक्रम, करियर काउंसलिंग, एक्सपोजर विज़िट, स्वास्थ्य जांच और ‘एक बूटा बेटी के नाम’ जैसी गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा वर्कर्ज की सक्रिय भागीदारी से आज जिला बिलासपुर के लिंगानुपात आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर हुए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जन्म के समय लिंगानुपात 929 और प्रदेश स्तर पर 968 है, जबकि बिलासपुर ने 987 का औसत दर्ज किया है। 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग में बालिकाओं का लिंगानुपात भी वर्ष 2023-24 में 952 से बढ़कर 2024-25 में 960 तक पहुंच चुका है, जो राष्ट्रीय औसत 919 और प्रदेश औसत 972 के करीब है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सभी संबंधित विभागों और समाज के समन्वित प्रयासों से ही संभव हो पाई है।
उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने समाज में बेटियों के महत्व को लेकर सकारात्मक सोच विकसित की है। आने वाले समय में भी इसी तरह के समन्वित प्रयासों से बिलासपुर जिला में और बेहतर नतीजे सामने आएंगे।

