तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्यातिथि की शिरकत, 126 प्रशिक्षुओं ने लिया भाग

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (बिलासपुर )16 मार्च। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिलासपुर में द आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के माध्यम से आयोजित छह दिवसीय यूथ लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन समारोह में नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 126 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर उपस्थित प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं और विद्यार्थियों में आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को स्वयं को पहचानने तथा अपनी क्षमताओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से स्वयं को महत्वपूर्ण समझने और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन के मूल्यों को सामाजिक और नैतिक मूल्यों के साथ संतुलित करते हुए जीवन को सही दिशा देने का प्रयास करना चाहिए। इससे युवा न केवल अपनी अलग पहचान बना सकते हैं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रेरित भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि सृष्टि में प्रत्येक व्यक्ति अलग और विशिष्ट है, इसलिए दूसरों की नकल करने के बजाय उनसे सीखने की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रकृति स्वयं में एक महान शिक्षक है, जिससे मनुष्य बहुत कुछ सीख सकता है।
राजेश धर्माणी ने युवाओं को जीवन की कल्पनाओं से बाहर निकलकर वास्तविकता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन के प्रति हमारा दृष्टिकोण ही हमारी सोच और कार्यों को दिशा देता है। उन्होंने युवाओं को अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।
उन्होंने युवाओं से शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान करते हुए कहा कि मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति अक्सर नशे जैसी सामाजिक बुराइयों की ओर आकर्षित हो जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन में प्रत्येक व्यक्ति को विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए इन चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उनका साहसपूर्वक सामना करना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षुओं को समय-समय पर अपनी कौशल क्षमता को उन्नत करने तथा निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे स्वयं को कभी भी किसी से कमतर न समझें।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व तेजी से बदल रहा है और तकनीकी क्षेत्र में लगातार नए परिवर्तन सामने आ रहे हैं। ऐसे में युवाओं को इन परिवर्तनों के अनुरूप स्वयं को तैयार रखते हुए अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अद्यतन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ उठाकर युवा अपने भविष्य को सशक्त बना सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से भी विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए अधिक से अधिक मंच उपलब्ध करवाने का आह्वान किया, ताकि उनमें आत्मविश्वास का विकास हो सके।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नशा निवारण के क्षेत्र में द आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।
इससे पूर्व संस्थान के प्रधानाचार्य ओंकार सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान कोमल, तानिया, वंदना, प्रतिभा, प्रीति तथा राहुल ने यूथ लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं द्वारा नशा निवारण विषय पर एक लघु नाटक भी प्रस्तुत किया तथा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया।
इस मौके पर नशा मुक्ति की शपथ भी ग्रहण की।
कार्यक्रम में हिमुडा निदेशक मंडल के सदस्य जितेंद्र चंदेल, निर्वतमान जिला पार्षद गौरव शर्मा, प्रोमिला वासु, युवा कांग्रेस नेता आशीष ठाकुर सहित आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रतिनिधि, आईटीआई के प्रशिक्षक, विद्यार्थी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


