जिले में भारी बारिश से अब तक लगभग 13 करोड़ का नुकसान, लोगों से सतर्क रहने की अपील
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (बिलासपुर ) 15 जुलाई । उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष राहुल कुमार ने जिलेवासियों से आगामी दिनों में संभावित भारी वर्षा को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा अगले सप्ताह भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में सभी लोग नदी, नालों, खड्डों तथा अन्य जल स्रोतों के किनारे जाने से बचें और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं।
उपायुक्त ने बताया कि मानसून के कारण बिलासपुर जिले में भी लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार वर्षा से गोविंद सागर झील और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के दौरान झील, नदी नालों और खड्डों में नहाने, तैरने, कपड़े धोने अथवा अन्य किसी भी गतिविधि से पूरी तरह परहेज करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि जिले में अब तक भारी बारिश के कारण लगभग 13 करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज किया गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग को 12 करोड़ 28 लाख रुपए की क्षति हुई है। जल शक्ति विभाग को 26 लाख 85 हजार रुपए का नुकसान हुआ है तथा विभाग की 16 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई थीं, जिन्हें विभाग द्वारा बहाल कर दिया गया है। बिजली विभाग को 1 लाख 95 हजार रुपए की क्षति हुई है तथा 21 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छकोह को लगभग 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोठीपुरा खस तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय नैण को लगभग डेढ़ लाख रुपए की क्षति हुई है, जबकि राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरयु को लगभग 8 लाख रुपए का नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिक तुरंत जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के टोल-फ्री नंबर 1077 अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।
उपायुक्त राहुल कुमार ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों, स्कूलों, शिक्षण संस्थानों तथा संबंधित विभागों से भी आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को बरसात के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करें तथा इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।


