टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में सामुदायिक भागीदारी अहम: डॉ. राजीव भारद्वाज
डेली पब्लिक लाइव न्यूज ( धर्मशाला ) 8 अक्तूबर । टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा वर्ष 2030 से पहले देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जन सहभागिता को और मजबूत किया जाएगा। इसी उद्देश्य से जिला कांगड़ा में ज्वाइंट स्क्वैड फॉर हेल्थ ‘जोश’ की लांचिंग की गई। धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में कांगड़ा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि देश को वर्ष 2030 से पहले टीबी मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य की दिशा में दुनिया से आगे हैं और शतप्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने के लिए ‘जोश’ के माध्यम से सामूहिक प्रयासों को और गति देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि टीबी रोगियों की समय पर पहचान, नियमित उपचार, पोषण संबंधी सहायता तथा सामाजिक सहयोग अभियान के महत्वपूर्ण घटक हैं। उन्होंने युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस, माई भारत स्वयंसेवकों, खेल संगठनों तथा अन्य सामाजिक संस्थाओं से टीबी उन्मूलन के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘जोश’ के तहत गठित टीमों की गतिविधियों और सक्रियता की नियमित निगरानी की जानी चाहिए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में उन्हें भी आमंत्रित किया जाए, ताकि अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया जा सके।
जिला कांगड़ा की 287 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि एक समय टीबी को लाइलाज बीमारी माना जाता था, लेकिन चिकित्सा क्षेत्र में हुए अनुसंधान और तकनीकी प्रगति से अब टीबी की समय पर पहचान और प्रभावी उपचार संभव है। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है तथा जिले की 287 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। लोगों को टीबी रोग और इसके उपचार के प्रति जागरुक करने के लिए 100 दिन का विशेष अभियान चलाया गया। इसके अलावा टीबी रोगियों की मृत्यु के कारणों की जांच भी करवाकर कमियों को दूर किया गया।
उन्होंने कहा कि टीबी रोगियों की समय पर पहचान, समुचित उपचार तथा उन्हें सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों, युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
उपायुक्त ने निक्षय मित्र योजना के तहत टीबी रोगियों को आवश्यक पोषण किट उपलब्ध करवाने में सहयोग कर रहे बैंकर्स, विभिन्न संस्थाओं, स्वयंसेवियों और अन्य सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया।
निक्षय मित्रों और सहयोगी संस्थाओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान में उल्लेखनीय सहयोग देने वाले खेल क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों, एनएसएस एवं एनसीसी कैडेट्स, विभिन्न गैर सरकारी संगठनों, बैंकर्स तथा टीबी पर विजय प्राप्त कर चुके टीबी चौंपियनों को सम्मानित किया गया। इन सभी ने निक्षय मित्र योजना के तहत टीबी रोगियों को आवश्यक पोषण सहायता उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओमेश कुमार भारती ने टीबी उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा अभियान में जनभागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को टीबी मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर ‘जोश’ के लोगो का अनावरण भी किया गया।
कार्यक्रम में जिला टीबी अधिकारी डॉ. आर.के. सूद, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक पृथ्वी रणवीर, गुंजन, लायंस क्लब, इनरव्हील, साईं सेवा समिति सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, एनसीसी कैडेट्स तथा स्वयंसेवक उपस्थित रहे।


