कक्षा पहली से नैतिक शिक्षा शुरू करने के निर्देश और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर दिया बल
डेली पब्लिक लाइव न्यूज (शिमला ) 21 अक्तूबर।मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही नैतिक मूल्यों, अनुशासन, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए कक्षा पहली से नैतिक शिक्षा आरम्भ करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठयक्रम लागू करने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन स्कूलों में योग्य शिक्षकों, पर्याप्त प्रशासनिक कर्मचारियों तथा अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर बल दिया।
उन्होंने सीबीएसई स्कूलों के लिए जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) के 600 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने तथा 100 नए स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों की आवश्यकताओं को योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सीबीएसई स्कूलों में मिनिस्ट्रीयल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आवश्यकता की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित मानदंडों के अनुसार कर्मचारियों की जरूरत का आकलन कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने नई योजना आधारित भर्ती के तहत 3,900 शिक्षकों तथा 900 गैर-शिक्षकों के पदों को भरने की प्रक्रिया की समीक्षा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, सरकारी स्कूलों को सुदृढ़ करने तथा प्रभावी निगरानी और जवाबदेही के माध्यम से लिए गए निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में सचिव शिक्षा डॉ. यूनुस, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


