आर्या परियोजना के अंतर्गत पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित

आर्या परियोजना के अंतर्गत पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित


DPLN (कंडाघाट )
30 दिसम्बर। कंडाघाट स्तिथ क़ृषि विज्ञान केंद्र सोलन द्वारा आर्या परियोजना के अंतर्गत पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसमे जिले के चार विकास खंड़ों के किसानो ने भाग लिया. केंद्र के प्रभारी डॉक्टर जितेंदर चौहान ने बताया कि आर्या परियोजना भारतीय क़ृषि अनुसन्धान अटारी जोन 1, लुधियाना द्वारा वित्तपोषित परियोजना है जिसका मकसद युवायों को क़ृषि की मुख्य धारा से जोड़ना व मशरुम उद्यमी तैयार करना है. प्रशिक्षण शिविर कि संचालिका डॉक्टर आरती शुक्ला ने बताया कि इस पांच दिवसीय शिविर के दौरान विशेषज्ञओं द्वारा किसानो को खुम्ब उत्पादन से सम्बंदित सभी जानकारियां उपलब्ध करवाई गयीं. डॉक्टर बालक राम सुमन, डॉ सी डी थापा, डॉ धर्मेश गुप्ता, डॉ एस आर शर्मा, डॉ सविता जन्दैक व डॉ अनुराधा ने उन्हें मशरुम उत्पादन के लाभ, उनके पौषक एवं ओशधीय गुणों के बारे मैं बताया गया. तथा बटन, ओयस्टर, शिताके, रिशी, मिल्की, काला कंचपड़ा की खेती की विस्तृत जानकारी दी गयी. साथ साथ उन्हें खुम्ब मैं लगने वाले कीट , बिमारियों के प्रबंधन तथा मूल्य सवर्धन के विषय मैं भी बताया गया. ढिंगरी उत्पादन के लिए पौशाधार तैयार करने का प्रैक्टिकल भी करवाया गया. इस पांच दिवसीय शिविर के दौरान किसानो को खुम्ब निदेशालय का भ्रमण भी करवाया गया जहाँ उन्होंने वैज्ञानिको से चर्चा की. किसानो को ठाकुर मशरुम फार्म सोनाघाट व मदन स्पॉन प्रयोगशाला दोची भी ले जाया गया जहाँ इन प्रगतिशील मशरुम उद्यमियों ने किसानो से अपने अनुभव साझा किये. कार्यक्रम के अंतिम दिन किसानो को प्रमाण पत्र वितरित किये गए.।
कार्यक्रम के अंतिम दिन किसान वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमे केंद्र के सभी वैज्ञानिकों ने भाग लिया व प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण शिविर के अपने अनुभव साझा किये. अंत मैं सभी प्रशिक्षणर्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गए।

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