सी आर सी सुंदरनगर में भारतीय सांकेतिक भाषा में डिप्लोमा कार्यक्रम (डिसली) में पांए प्रवेश
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (सुंदरनगर )
19 जुलाई ।
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत सुंदरनगर में संचालित समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास एवं पुनर्वास केंद्र दिव्यांगजनों हेतु (सी आर सी सुंदरनगर) में भारतीय पुनर्वास परिषद् नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त भारतीय सांकेतिक भाषा में डिप्लोमा कार्यक्रम (डिसली) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
प्रभारी अधिकारी सीआरसी सुंदरनगर डॉ राकेश कुमार अवस्थी ने बताया कि प्रवेश हेतु न्यूनतम योग्यता सामान्य श्रेणी के प्रवेशार्थियों हेतु मान्यता प्राप्त बोर्ड से 50% अंकों के साथ 10+2 कक्षा उत्तीर्ण है। अनुसूचित जाति / जनजाति एवं दिव्यांगजनों हेतु योग्यता मापदंड में 5% की रियायत दी गई है। दिव्यांगजनों के अभिवावक तथा स्वयं दिव्यांगजनों को इस पाठ्यक्रम को करने पर शिक्षण शुल्क से छूट दी जाएगी। डिप्लोमा प्रशिक्षण अवधि के दौरान पाठ्यक्रम में पंजीकृत विद्यार्थियों को प्रतिमाह 2000 रुपये की दर से छात्रवृत्ति देय होगी। प्रवेश प्रक्रिया 31 जुलाई तक जारी है तथा इस पाठ्यक्रम में मात्र 20 सीटें है। प्रवेश हेतु छात्र / छात्राएं तथा इच्छुक अभिवावकगण संस्थान के कार्य दिवसों में विशेष शिक्षा विभाग में संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि भारतीय सांकेतिक भाषा में डिप्लोमा कोर्स के बाद सरकारी तथा गैर सरकारी क्षेत्रों में रोजगार पाने की प्रचुर संभावनाए है। इस पाठ्यक्रम को करने के भारतीय सांकेतिक भाषा जो की मूक और बधिर दिव्यांगजनों हेतु सम्प्रेषण करने के लिए एक मुख्य माध्यम है को समाज की मुख्य धारा में लाने का काम करती है। इस पाठ्यक्रम करने के बाद भारतीय सांकेतिक भाषा के दुभाषिया के रूप में, विशेष शिक्षा के अध्यापक और प्रशिक्षक के रूप में नौकरी के अवसर उपलब्ध रहते है। विशेष शिक्षा एवंम दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र में भविष्य बनाने की इच्छा रखने वालों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है।

