मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता बोलीं – “यह नवाचार लोकतांत्रिक प्रणाली को सशक्त, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाएंगी
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (बिलासपुर )24 मई ।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए आरम्भ की गई 18 नवाचारी पहलों को हिमाचल प्रदेश में भी लागू किया जा रहा है। यह जानकारी प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि इन पहलों को छह प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है और प्रदेश में इन पर तेजी से कार्य चल रहा है।
मतदाताओं की सुविधा सर्वोपरि,प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा होगी तय
मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। घनी आबादी वाले क्षेत्रों और बहुमंजिला इमारतों में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, मृत्यु पंजीकरण की जानकारी अब रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) से प्राप्त कर मृत मतदाताओं के नाम शीघ्रता से सूची से हटाए जाएंगे, जिससे मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन बनी रहे।
राजनीतिक दलों से समन्वय और संवाद, प्रदेश में जिला और उपमंडल स्तर पर 257 प्रतिनिधियों ने लिया भाग
राजनीतिक दलों के साथ समन्वय के लिए देशभर में CEO, DEO और ERO स्तर पर कुल 4,719 सर्वदलीय बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें 28,000 से अधिक राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हिमाचल प्रदेश में जिला और उपमंडल स्तर पर कुल 257 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें आम आदमी पार्टी, भाजपा, बसपा, माकपा और एनपीपी जैसे दलों के प्रतिनिधि शामिल रहे। साथ ही, IIIDEM द्वारा बूथ लेवल एजेंट्स के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए।
प्रक्रियागत सुधारों से पारदर्शिता में बढ़ोतरी
प्रक्रियागत सुधारों के तहत ECINET डैशबोर्ड लॉन्च किया गया है, जिससे सभी निर्वाचन सेवाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। डुप्लीकेट EPIC नंबर की समस्या को समाप्त करते हुए प्रत्येक पहचान पत्र को अब अद्वितीय बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
कानूनी जागरूकता और प्रशिक्षण सामग्री का विकास
कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत 28 प्रमुख हितधारकों की पहचान की गई है, जिनमें मतदाता, राजनीतिक दल, अधिकारी, प्रत्याशी और मीडिया शामिल हैं। इनके लिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act) और निर्वाचन नियमों के अनुरूप प्रशिक्षण सामग्री तैयार की जा रही है ताकि सभी हितधारकों को कानूनी प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
चुनाव कार्मिकों का सशक्तिकरण और प्रशिक्षण
चुनाव कार्मिकों के सशक्तिकरण के लिए बीएलओ को अब मानक फोटो पहचान पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। अब तक 3,000 से अधिक बूथ पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है और एक लाख पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करने की योजना है। हिमाचल प्रदेश से पहला बैच 26-27 मई को प्रशिक्षण में भाग लेगा, जिसमें तीन उपायुक्त, 12 एसडीएम और 68 बीएलओ पर्यवेक्षक शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त राज्य मीडिया और सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों के लिए भी उन्मुखीकरण सत्र आयोजित किए गए हैं। बिहार पुलिस अधिकारियों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ है।
प्रशासनिक सुधारों से दक्षता और पारदर्शिता में होंगी वृद्धि
प्रशासनिक सुधारों के अंतर्गत बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली और ई-ऑफिस को लागू किया गया है, जिससे कार्यप्रणाली को कागज़ रहित और अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। मतदाता पर्चियों को अब अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया गया है, जिसमें क्रम संख्या और भाग संख्या को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में अहम कदम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ये पहलकदमियां लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आधुनिक, उत्तरदायी और पारदर्शी बनाने में सहायक होंगी। हिमाचल प्रदेश इन नवाचारों को पूरी प्रतिबद्धता से लागू कर एक अग्रणी राज्य बनने की दिशा में कार्य कर रहा है।

