आपदा जोखिम न्यूनीकरण व जागरूकता संबंधी तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू, ग्राम पंचायत भनेरा, कुफरीधार, कांडी सपनोट, बलिन्डी के स्वयंसेवी ले रहे भाग
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (करसोग/ मंडी )
26 मई। करसोग में आपदा जोखिम न्यूनीकरण व आपदा जोखिम से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी के सौजन्य से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला एसडीएम करसोग गौरव महाजन की अध्यक्षता में शुरू हुई। कार्यशाला का आयोजन 26 से 28 मई, 2025 तक किया जाएगा। तीन दिवसीय इस कार्यशाला में ग्राम पंचायत भनेरा, कुफरीधार, कांडी सपनोट और बलिन्डी से आपदा प्रबंधन टास्क फोर्स के 60 स्वयंसेवी भाग ले रहे है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन एसडीएम ने कहा कि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा से निपटने में स्वयंसेवी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उन्होंने कहा कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी के सौजन्य से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन स्वयंसेवियों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी वॉलंटियर प्रशिक्षण को गंभीरता से ग्रहण करें ताकि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में लोगों के जीवन को सुरक्षित बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्दे्श्य ऐसे युवा स्वयंसेवकों की टास्क फोर्स तैयार करना है जो भूकंप, भूस्खलन व बाढ़ जैसी विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर आपदा से होने वाले जानमाल के नुकसान को कम करने में अपनी भूमिका निभा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में स्वयंसेवी ग्राम पंचायत प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव व पटवारी के माध्यम से संबंधित आपदा की सूचना प्रशासन तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में नदी नालों का जलस्तर अचानक से बढ़ने की संभावना बनी रहती है इसलिए इस दौरान हमें नदी नालों से दूर रहना चाहिए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला आपदा प्राधिकरण मंडी से जिला समन्वयक अमरजीत सिंह ने इस कार्याशाला में आपदा प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा इस कार्याशाला का आयोजन आपदा प्रबंधन को लेकर लोगों को संवेदनशील बनाने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित स्वयंसेवियों को भूस्खलन, बादल फटना, जंगल की आग, सड़क सुरक्षा, हिट वेव से बचाव, बाढ़ व आगजनी के समय बरती जाने वाली विभिन्न सावधानियों व घटना स्थल से प्रभावितों को सुरक्षित बाहर निकालने के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा की घटना घटित होने पर 1077 पर संपर्क स्थापित कर घटना की सूचना दें ताकि राहत और बचाव कार्य शुरू कर आपदा प्रभावितों के जीवन को सुरक्षित बचाया जा सकें।
इस दौरान स्वयंसेवियों को सुरक्षित व भूकंपरोधी भवन निर्माण के अतिरिक्त आपदा के समय दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर तहसीलदार वरुण गुलाटी, एसडीके रामकृष्ण सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के स्वयंसेवी उपस्थित थे।

