युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर हम उन्हें देश की संपत्ति बना सकते हैं, न कि बोझ” -डॉ राजेश गुलेरी
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (धर्मशाला )
11 जुलाई। जिला कांगड़ा स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस 2025 के उपलक्ष्य में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा, डॉ. राजेश गुलेरी ने की। इस कार्यशाला का आयोजन जिला स्वास्थ्य विभाग कांगड़ा एवं मेरा युवा भारत (MY Bharat), कांगड़ा के संयुक्त तत्त्वावधान में किया गया।
11 जुलाई विश्व जनसंख्या दिवस पर इस कार्यशाला के आयोजन का उद्देश्य जनसंख्या से जुड़े सामाजिक, स्वास्थ्य एवं विकासात्मक विषयों पर चर्चा करना तथा युवाओं को इन मुद्दों के प्रति जागरूक बनाना रहा।
इस कार्यशाला में मेरा युवा भारत, कांगड़ा के उपनिदेशक श्री ध्रुव डोगरा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला, डॉ. अनुराधा शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. सूद, तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुमित शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमित शर्मा द्वारा किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी द्वारा मेरा युवा भारत कांगड़ा द्वारा भेंट किए गए पौधों का रोपण कर किया गया, जिसे पर्यावरण एवं जनसंख्या संतुलन के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने अपने संबोधन में कहा:
“यदि देश की युवा आबादी को सही दिशा, शिक्षा और कौशल उपलब्ध कराया जाए, तो यही बढ़ती जनसंख्या हमारे लिए एक जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) बन सकती है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर हम उन्हें देश की संपत्ति बना सकते हैं, न कि बोझ।” डॉ गुलेरी ने कहा कि युवाओँ में शादी का सही समय , बच्चे व बच्चों के बीच सही अंतर के बारे जागरूकता बढ़ाना जरूरी है जिससे माँ व बच्चे का बेहतर स्वास्थ्य व सशक्त समाज का उद्देश्य पूर्ण होगा ।
वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराधा शर्मा ने कहा:
“जनसंख्या वृद्धि को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके लिए हमें स्वास्थ्य, शिक्षा एवं रोजगार जैसे क्षेत्रों में सुदृढ़ निवेश करना होगा, जिससे युवा वर्ग राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दे सके।”
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सूद ने अपने विचार रखते हुए कहा:
“जनसंख्या नियंत्रण केवल आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है। युवाओं को इसमें भागीदार बनकर समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनना चाहिए।”
कार्यक्रम के अंतर्गत दो अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं:
- पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता – जिसमें 16 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
- वाद-विवाद प्रतियोगिता (Declamation) – जिसमें 16 प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।
प्रतिभागी निम्नलिखित संस्थानों से थे:
• गुरु द्रोणाचार्य नर्सिंग कॉलेज, योल
• सत्यं नर्सिंग कॉलेज, शाहपुर
• राजकीय महाविद्यालय, धर्मशाला
• ज्ञान ज्योति कॉलेज, राजोल
• लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कथोग
प्रतियोगिता परिणाम इस प्रकार रहे:
पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता:
प्रथम स्थान – वंशिका, गुरु द्रोणाचार्य नर्सिंग कॉलेज, योल
द्वितीय स्थान – हिमांशी, गुरु द्रोणाचार्य नर्सिंग कॉलेज, योल
तृतीय स्थान – वंशिका, सत्यं नर्सिंग कॉलेज, शाहपुर
वाद-विवाद प्रतियोगिता (Declamation):
प्रथम स्थान – तनिशा, गुरु द्रोणाचार्य नर्सिंग कॉलेज
द्वितीय स्थान – अभिषेक, राजकीय महाविद्यालय, धर्मशाला
तृतीय स्थान – प्रियंका, लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कथोग
कार्यक्रम के समापन पर एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। यह रैली क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला से प्रारंभ हुई, जिसे मुख्य अतिथि डॉ. राजेश गुलैरी ने झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण, स्वास्थ्य जागरूकता, कौशल विकास और जनभागीदारी जैसे विषयों पर आम जनता को जागरूक करना था।
यह कार्यशाला और रैली, जिले में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और जनसंख्या विषयक संवाद को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई। यह आयोजन विकसित भारत @2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास रहा।

