नहीं रहीं सोलन में आंखों का जड़ीबूटी से इलाज करने वाली बुजुर्ग महिला सत्या देवी
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (सोलन )
14 जुलाई। सोलन जिला के चिल्ला गांव से ताल्लुक रखने वाली और जड़ी-बूटियों से आंखों का इलाज करने वाली जानी-मानी बुजुर्ग महिला सत्या देवी अब हमारे बीच नहीं रहीं। बीती शाम लगभग 80 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल चिल्ला गांव बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
सत्या देवी जड़ी-बूटियों से आंखों के उपचार की अपनी अनोखी कला के लिए हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में प्रसिद्ध थीं। दूर-दूर से लोग केवल उनकी एक बूंद दवा के लिए सोलन पहुंचते थे, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि उनकी आंखों की रोशनी सत्या देवी की जड़ी-बूटियों से वापस लौट सकती है।
वे आंखों में किसी विशेष जड़ी-बूटी से तैयार किया गया पानी डालती थीं, जिसे लोग चमत्कारी मानते थे। अनेक लोगों ने दावा किया कि उन्हें वर्षों से चली आ रही आंखों की समस्याओं से इस उपचार से राहत मिली। उनकी यह विलक्षण कला पीढ़ियों तक चर्चा का विषय बनी रही।
आज सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया, और सैकड़ों की संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवा तक, सभी ने भावुक होकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
एक अद्वितीय कला, जो अब स्मृति बन गई
सत्या देवी न सिर्फ एक परंपरागत ज्ञान की जीती-जागती मिसाल थीं, बल्कि उन्होंने अपनी इस सेवा भावना से हजारों लोगों को रोशनी दी। आज जब उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा है, तो उनके पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गई हैं जिसे लोग हमेशा याद रखेंगे।
उनका सरल जीवन, सेवा की भावना और जड़ी-बूटी से आंखों के इलाज की अनूठी कला, आने वाले समय में भी लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।

