विधानसभा ने सर्वसम्मति से डॉ. परमार को भारत रत्न देने का प्रस्ताव पारित किया
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (शिमला ) 22 अगस्त। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि डॉ. यशवंत सिंह परमार आधुनिक हिमाचल के निर्माता और हमारे आत्मसम्मान के प्रतीक थे। उन्होंने हमें यह सिखाया कि हिमाचल की पहचान सबसे ऊपर है, हमारे संसाधनों पर पहला हक़ हिमाचलवासियों का है और हमारी संस्कृति को सुरक्षित रखना ही हमारी असली ताक़त है।
उन्होंने कहा कि आज यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व और भावनाओं का क्षण है कि विधानसभा ने सर्वसम्मति से डॉ. परमार को भारत रत्न देने का प्रस्ताव पारित किया है। यह केवल एक प्रस्ताव नहीं, बल्कि 75 लाख हिमाचलवासियों की साझा भावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परमार ने जो संघर्ष शुरू किया था, हम उसी राह पर आगे बढ़ रहे हैं- विद्युत् परियोजनाओं में अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं, हिमाचल को उचित वित्तीय सहयोग दिलाने की आवाज़ उठा रहे हैं और अपने पहाड़ों को संरक्षित रखने के संकल्प के साथ खड़े हैं। अब समय है कि केंद्र सरकार इस ऐतिहासिक प्रस्ताव का सम्मान करे- डॉ. परमार को भारत रत्न देकर उनकी अमर विरासत को नमन करे और उनके विचारों का सम्मान करते हुए हिमाचल को उसका उचित हक़ दे।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार, डॉ. यशवंत सिंह परमार को भारत रत्न देकर और उनके विचारों का सम्मान करते हुए हिमाचल को उसका उचित हक़ देकर, आधुनिक हिमाचल के निर्माता डॉ. परमार और उनके द्वारा दिखाए मार्ग के साथ न्याय करेगी।

