नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश की उन्नति और विकास को मिली ऐतिहासिक गति : जयराम ठाकुर

मोदी के दिल में बसता है हिमाचल, हिमाचल के लिए सब कुछ करते हैं मोदी

आपदा से बचाने और प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन के लिए हुआ यज्ञ का आयोजन

सरकार बताएं केंद्र से मिला कितना पैसा आपदा प्रभावितों तक पहुंचा

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (मण्डी ) 17 सितम्बर।देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश भर में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर इस दौरान मंडी और सुंदर नगर में इस उपलक्ष्य पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि नरेंद्र मोदी का कार्यकाल भारत के ऐतिहासिक प्रगति से विकास काकार्यकाल है। उनका सेवा काल विकसित भारत के लक्ष्य निर्धारित करने का कार्यकाल भी है और भारत को आत्मनिर्भर बनकर अपने पैरों पर खड़ा करने का भी कार्यकाल है। इस कार्यकाल में न सिर्फ देश की आर्थिक तरक्की हुई बल्कि भारत ने तकनीकी के क्षेत्र में भी अपना परचम लहराया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय ज्ञान विज्ञान की धमक समुद्र की अतल गहराइयों से लेकर चंद्रमा के साउथ पोल तक पहुंची है।

उनके 4126 दिन का सेवा काल अब तक किसी चुने हुए प्रधानमंत्री का सर्वाधिक लंबा सेवा काल है। उनका सेवा काल सिर्फ लंबी अवधि का नहीं बल्कि विकास के नए मानक स्थापित करने से लेकर उन्नति की लंबी दूरी तय करने का भी सेवा काल है। चाहे भारत में विकास की दर को वैश्विक मंदी के बाद भी 07 फीसदी के करिश्माई नंबर से आगे बढ़ाना हो, या महंगाई की दहाई में मिली विरासत को तीन परसेंट के दायरे में बांध के रखना, मोदी के कुशल नेतृत्व में ही भारत ऐसा कर पाया है। 11 साल की सेवा काल में भारत 11वीं से चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। उनके 11 साल के सेवा काल में 50 करोड़ से ज्यादा लोगों का पहली बार खाता खुला, 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को पहली बार शौचालय मिला। मोदी के सेवाकाल में ही 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को 5 लाख रुपए का आयुष्मान बीमा मिला। 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को घर मिला, 3 करोड़ से ज्यादा दीदी को लखपति बनाया। 50 लाख करोड़ से ज्यादा का मुद्रा लोन लोगों को मिला। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा मिला जिसकी वजह से परियोजनाओं में हिमाचल को 40 के बजाय 10 फीसदी का ही सहयोग देना पड़ता है।

मोदी के 11 साल की सेवा काल में ही 370 जैसे कानून खत्म हुए, ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथाएं बंद हुई। 500 साल से लंबे समय तक राम मंदिर के लिए चला संघर्ष भव्य राम मंदिर के रूप में सामने आया। कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ने के लिए चिनाब पर दुनिया का सबसे ऊंचा ब्रिज बना। हिमाचल में सबसे ऊंचाई पर सबसे लंबी अटल टनल बनी, असम में ब्रह्मपुत्र पर सबसे लंबा भूपेन हजारिका ब्रिज बना, इसी महीने नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में नॉर्थ ईस्ट का सिक्किम भी भारत के हर कोने से रेल सुविधा से जुड़ गया। उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम को एकीकृत करती नरेंद्र मोदी की योजनाएं एक भारत श्रेष्ठ भारत के विजन को साकार करने की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। 11 साल की इन उपलब्धियों को बताने में कई दिन लग जाए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की यही उपलब्धि है। हमें गर्व है कि नरेंद्र मोदी जैसे नेतृत्व के साथ हमें काम करने का अवसर मिला।

जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान शिविर और नमो रन मैराथन का आयोजन हुआ

जयराम ठाकुर ने नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर मंडी में उनके संघर्ष, सेवा और प्रेरक जीवनयात्रा पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ एवं अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री जी के जीवन के उन अनगिनत पहलुओं को सामने लाती है, जो हमें जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं। इसी क्रम में “सेवा ही भाव” के अंतर्गत चल रहे “सेवा पखवाड़ा” अभियान के तहत आयोजित रक्तदान शिविर का भी शुभारंभ किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि रक्तदान जैसे पावन कार्य के माध्यम से मानवता की सेवा के इस अभियान में सभी को जुड़ने का संदेश देते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करते हुए हम सब मिलकर उनके “सेवा ही संकल्प” के मार्ग पर चलने का संकल्प लें।

आपदा से बचाने और प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन के लिए हुआ यज्ञ का आयोजन

प्रदेश भर में भारी बारिश की वजह से हुई तबाही से बचाने, प्रदेशवासियों के रक्षा और कल्याण करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वस्थ एवं दीर्घायु होने के लिए आयोजित महायज्ञ में जयराम ठाकुर शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के तमाम विधायक, पदाधिकारी और भारी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को ईश्वर स्वस्थ एवं दीर्घायु करें जिससे वह हमारा नेतृत्व और मार्गदर्शन करते रहें।

हिमाचल के इतिहास में नहीं मिली केंद्र से इतनी मदद, राजनीती छोड़े सरकार

सुंदर नगर में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को निम्न स्तर की राजनीति से बाज जाना चाहिए। सही है कि हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री द्वारा लगातार मदद की जारही है। नरेंद्र मोदी आपदा के समय हिमाचल आने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। 1500 करोड़ की तत्काल पैकेज दिया। उसके एक दिन बाद एनडीआरएफ और एफडीआरएफ का 205 करोड रुपए एडवांस के तौर पर प्रदेशको मिला। सात केंद्रीय मंत्री हिमाचल प्रदेश में दौरा कर रहे हैं। नेशनल हाईवे से मलबा हटाकर सड़कें दुरुस्त करने के लिए 200 करोड़ से अधिक की धनराशि तत्काल उपलब्ध करवा दी गई है। मानसून के लिए एनडीआरएफ और एफडीआरएफ के तहत मिलने वाला आर्थिक सहयोग भी हिमाचल प्रदेश को मिल चुका है।

सरकार बताएं केंद्र से मिला कितना पैसा आपदा प्रभावितों तक पहुंचा

जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र द्वारा हिमाचल का भरपूर सहयोग त किया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यह सारा पैसा कहां जा रहा है? 2023 की आपदा के बाद हालात हालात जस के तस हैं। जो सड़के जहां से टूटी थी वहीं टूटी हुई पड़ी हैं। जो मलबा जहां पड़ा था वहीं पड़ा हुआ है। खतरनाक रास्ते हो, सड़कों के गिरे हुए डंगे, या नदियों और खड्डों से नुकसान हुए इंफ्रास्ट्रक्चर। सब के सब वैसे के वैसे पड़े हैं। आपदा राहत के नाम पर 3 साल में जो 5500 हजार करोड़ से अधिक की धनराशि हिमाचल प्रदेश को मिली है वह कहां गई? किस पर खर्च हुई? सरकार के पास इस बात का जवाब तक नहीं है कि आपदा प्रभावितों को देने के लिए केंद्र से आया पैसा गया कहां?

एरिया स्पेसिफिक मतलब जहां नुकसान हो वहीं खर्च हो पैसा

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि एरिया स्पेसिफिक बजट का अर्थ है कि जिन जगहों पर जिन परियोजनाओं को नुकसान हुआ है उन्हें परियोजनाओं पर केंद्र द्वारा भेजा गया पैसा खर्च हो। कल धर्मपुर में जो त्रासदी आई उससे एक व्यक्ति की जान भी गई और 200 से ज्यादा दुकानों को नुकसान पहुंचाहै। ऐसी स्थिति में जब एरिया स्पेसिफिक फंड आएगा तो उन्हीं प्रभावितों के ऊपर वह पैसा खर्च होगा। यह स्थिति चंबा और कुल्लू के लिए भी है। केंद्र सरकार द्वारा नुकसान के बदले आर्थिक सहायता की जाती है लेकिन सरकार उन पैसों का उपयोग अन्य कार्यों में करती है। इससे आपदा प्रभावित क्षेत्र और आपदा प्रभावित लोग रह जाते हैं।

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