बाशिंग व बन्दरोल में न’शे के खिला’फ अलख, विद्यार्थियों और प्रशासन ने मिलकर दिया जागरूकता का संदेश

बाशिंग व बन्दरोल में नशे के खिलाफ अलख, विद्यार्थियों और प्रशासन ने मिलकर दिया जागरूकता का संदेश

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (कुल्लू )20 दिसंबर । नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शनिवार को ग्राम पंचायत बाशिंग की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तथा बन्दरोल स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में नशे के विरुद्ध जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त तोरुल एस. रवीश ने इसकी अध्यक्षता की।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा नशा मुक्त समाज की दिशा में ठोस संकल्प को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर बाशिंग एवं जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों ने उपायुक्त से वादा किया कि वे स्वयं कभी नशा नहीं करेंगे और उनके ध्यान में आये नशा करने वालो तथा नशे में लिप्त असामाजिक तत्वों की सूचना टोल फ्री नंबर 112 पर देंगे।


उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि एक बीमारी है और इसका उपचार पूरी तरह संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि परिवार या समाज में कोई व्यक्ति नशे की चपेट में है, तो उससे घृणा करने के बजाय उसे उपचार के लिए आगे लाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला कुल्लू के भुंतर में स्थापित नशा मुक्ति केंद्र में निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है। यहां आईपीड़ी और ओपीडी सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं, साथ ही महिलाओं के लिए यह प्रदेश का पहला ऐसा केंद्र है, जहां अस्पताल सुविधा प्रदान की जा रही है। इस केंद्र में चिकित्सक, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, काउंसलर, नर्स तथा अन्य प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध है।

उन्होंने यह भी बताया कि असामाजिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए पंचायत स्तर पर पंचायत नशा निवारण कमेटियों का गठन किया गया है, जो समाज को नशा मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

उपायुक्त ने इस अवसर पर विद्यार्थियों की काउंसलिंग करते हुए उन्हें जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर कठोर परिश्रम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपने शौक (हॉबी) विकसित करें, बड़े सपने देखें और अपने जीवन में सही व गलत की पहचान स्वयं करें। उन्होंने विश्वास जताया कि जागरूक और लक्ष्यनिष्ठ युवा ही समाज और राष्ट्र का भविष्य संवार सकते हैं।

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