जिला के आंकड़ों की सटीकता और समन्वय के लिए समीक्षा बैठक आयोजित

जिला के आंकड़ों की सटीकता और समन्वय के लिए समीक्षा बैठक आयोजित

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (कुल्लू ) 17 जनवरी। शनिवार को कुल्लू में जिला के विभिन्न विभागों के आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया किसकी अध्यक्षता उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश ने की।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के प्रभावी नियोजन के लिए ‘सांख्यिकीय डेटा संग्रह तंत्र’ में दोहराव को रोकना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना अनिवार्य है।

आर्थिक संकेतक के सम्बन्ध उन्होंने कहा कि जिला घरेलू उत्पाद (DDP) और प्रति व्यक्ति आय (PCI) के वर्तमान आंकड़े वास्तविकता से कम प्रतीत होते हैं। इसमें जिले की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं और पर्यटन गतिविधियों के योगदान को सही ढंग से शामिल करने के निर्देश दिए गए।

पर्यटन क्षेत्र में फुटफॉल (पर्यटकों की संख्या) के आंकड़ों को और अधिक सटीक बनाने के लिए होम स्टे, टोल बूथ और ग्रीन बैरियर पर डेटा संग्रह प्रणाली को मजबूत करने पर बल दिया गया। विदेशी पर्यटकों के आंकड़ों की भी पुनः जांच करने की बात कही गई।

उपायुक्त ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए कि वे कृषि और बागवानी के आंकड़े अंतिम रूप देने से पहले संबंधित हितधारक विभागों से परामर्श करें। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि वर्तमान में दर्ज 3 प्रतिशत शुद्ध सिंचित क्षेत्र जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता, जिसकी समीक्षा आवश्यक है।

जिला सुशासन सूचकांक के तहत विभिन्न संकेतकों पर भी चर्चा की गई।

उपायुक्त ने सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधाओं के आंकड़ों की समीक्षा करने पर्यावरण सूचकांक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए ।

उन्होंने ई-ऑफिस का उपयोग पर सभी कार्यालयों को इसे प्रभावी ढंग से अपनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने केसीसी के 65 प्रतिशत उपयोग को और बढ़ाने पर जोर दिया गया।

बैठक के अंत में सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे डेटा संग्रह में पारदर्शिता बरतें और लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिया गया कि वे सड़कों से संबंधित डेटा BRO और पंचायतों के समन्वय से प्राप्त करें।

बैठक में सहायक जिला सांख्यिकी अधिकारी चेत राम ने विस्तृत प्रस्तुति दी।

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