लगातार तीन वर्ष उपलब्धि बनाए रखने पर पांच पंचायतों को मिला स्वर्ण प्रमाण पत्र

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (बिलासपुर )03 अगस्त। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला बिलासपुर ने टीबी उन्मूलन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बचत भवन में आयोजित जिला स्तरीय सम्मान समारोह में उपायुक्त राहुल कुमार ने जिले की 62 टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। इनमें पांच ग्राम पंचायतों को स्वर्ण, 11 को रजत तथा 46 को कांस्य श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ताओं, निक्षय मित्रों तथा आमजन के सामूहिक सहयोग से जिले में टीबी उन्मूलन अभियान जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं तथा आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि टीबी की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने के लिए जिले में हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी संदिग्ध रोगियों की मौके पर ही स्क्रीनिंग संभव हो रही है। इससे समय पर जांच, शीघ्र उपचार तथा संक्रमण की रोकथाम में उल्लेखनीय सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता, व्यापक जागरूकता और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रभावी उपयोग से जिला प्रशासन टीबी मुक्त बिलासपुर के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में टीबी रोगियों की समय पर पहचान और गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने के लिए 18 टीबी डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। नागरिक अस्पताल घुमारवीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मार्कंड, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, एम्स बिलासपुर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वारघाट में एनएएटी जांच सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी टीबी जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों का प्रमाणन छह निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है। लगातार तीन वर्षों तक टीबी मुक्त स्थिति बनाए रखने वाली पंचायतों को स्वर्ण, लगातार दो वर्षों तक यह उपलब्धि बनाए रखने वाली पंचायतों को रजत तथा प्रथम वर्ष टीबी मुक्त बनने वाली पंचायतों को कांस्य प्रमाणन प्रदान किया जाता है।
उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2025 में 66 पंचायतों ने दावा प्रस्तुत किया, जिनमें 46 पंचायतों को कांस्य, 11 पंचायतों को रजत तथा पहली बार पांच पंचायतों को स्वर्ण प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ।
उपायुक्त ने आमजन, सामाजिक संस्थाओं एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों से टीबी मुक्त भारत अभियान/सहयोग कोष में स्वैच्छिक योगदान देने की अपील की। उन्होंने बताया कि क्षय रोगियों के पोषण सहयोग के लिए इच्छुक नागरिक यूको बैंक, मार्केट कमेटी यार्ड कॉम्प्लेक्स, धर्मशाला (बिलासपुर) शाखा में संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान/सहयोग कोष के खाते संख्या 20570110086995 (आईएफएससी कोड यूसीबीए 0002057) के माध्यम से अपना योगदान दे सकते हैं।
स्वर्ण प्रमाण पत्र प्राप्त ग्राम पंचायतें:
इस वर्ष गटवाड़, लंजता, रोड जामन, तरसूह और टोबा संगवाणा ग्राम पंचायतों को स्वर्ण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
रजत प्रमाण पत्र प्राप्त ग्राम पंचायतें:
कसारू, कोट, संडयार, गालियां, जांगला, झबोला, नघियार, विजयपुर, द्रोबड, कचैली तथा माकड़ी।
कांस्य प्रमाण पत्र प्राप्त ग्राम पंचायतें:
घुमारवीं विकास खंड की बाड़ी, बरोटा, गाहर, हवाण, पटेर, पट्टा, तल्याणा, बकरोआ एवं छतय झंडूता विकास खंड की पपलाह, बेहनाजट्टा, बड़गांव, डाहड़, दाड़ीभाड़ी, दसलेहड़ा, हीरापुर, जेजवीं, मलांगण, रोहल, सलवाड़ एवं बल्ह बलवाणाय बिलासपुर सदर विकास खंड की बरमाणा, बाडनू दिग्थली, बेलना ब्राह्मणा, चांदपुर, छकोह, दयोली, धौनकोठी, जुखाला, कल्लर, कुड्डी, नम्होल, निहारखंड बासला, नोग, पंजैल खुर्द एवं राजपुरा तथा श्री नैना देवी जी विकास खंड की दबट, कौडावाला, कुटेहला, मजारी, मंझेड, नकराणा, तंबोल, ग्वालथाई, री एवं टाली ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
सम्मान समारोह में अतिरिक्त उपायुक्त रुपिंदर कौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि, आशा कार्यकर्ता, निक्षय मित्र तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


