कांगड़ा जिला मंे गत वित्त वर्ष में 7.33 करोड़ रुपये व्यय
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (धर्मशाला )5 अगस्त। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिला कांगड़ा में अनाथ, निराश्रित, परित्यक्त एवं उपेक्षित 746 बच्चों के कल्याण के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से गत वित्त वर्ष के दौरान 7 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि व्यय की गई। यह जानकारी उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
बैठक में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, पोषण अभियान, मिशन शक्ति, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, आंगनवाड़ी सेवाएं, किशोरी बालिका कार्यक्रम तथा विभाग की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग समाज के कमजोर, असहाय एवं जरूरतमंद वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं फील्ड स्तर पर जाकर अथवा अपने कर्मचारियों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करें तथा पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध करवाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करें।
हेमराज बैरवा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत गत वर्ष सामाजिक सुरक्षा के लिए 90.91 लाख रुपये, गृह निर्माण हेतु 2.94 करोड़ रुपये, विवाह अनुदान के रूप में 2.56 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा के लिए 48.85 लाख रुपये, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग हेतु 4.43 लाख रुपये तथा स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 39.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। जबकि मिशन वात्सल्य के तहत पात्र 6024 पात्र व्यक्तियों की पहचान की करके 1.73 करोड़ रूपये की राशि आबंटित की गई है तथा संस्थागत 209 बच्चों के पॉकेट मनी, त्यौहार, वस्त्र व पोषण अनुदान पर 19 लाख रूपये की धनराशि व्यय की गई। इसके अलावा इन्दिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अन्तर्गत गत वर्ष 0 से 18 वर्ष की आयु के 5163 बच्चों को 3.02 करोड़ रूपये की धनराशि का भुगतान किया गया। उन्होंने चाइल्ड हेल्प लाइन के माध्यम से आने वाले मामलों त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया।
प्रतिभावान बच्चों को हरसंभव सहयोग देने के निर्देश
उपायुक्त ने बताया कि जिला कांगड़ा कुछ ऐसे असहाय बच्चों की पहचान हुई है जोकि बहुत प्रतिशाली हैं। ऐसे बच्चों की प्रगति में विभागी वैधानिक सीमाएं बाधा न बनने पाएं। उन्होंने ऐसे बच्चों की शैक्षणिक दक्षता को निखारने के लिए आर्थिक मदद हेतु विभागीय योजनाओं के साथ-साथ स्वयं सेवी संस्थाओं से भी संवाद स्थापित करें ताकि प्रदेश सरकार की असहाय एवं जरूरतमंद बच्चों के प्रति प्रतिबद्धता और अधिक सशक्त रूप में सामने आए।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अशोक शर्मा ने आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जा रही सेवाओं, कुपोषण की रोकथाम, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, प्री-स्कूल शिक्षा तथा पोषण ट्रैकर की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उपायुक्त ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चिन्हित चुनौतियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करते हुए सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जसवाल, जिला कल्याण अधिकारी साहिल मंडला, जिला आयुष अधिकारी डॉ. ब्रिज नन्दन शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर सहित शिक्षा, पंचायती राज, समस्त सीडीपीओ तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


