पौंग बांध विस्थापित परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए एक लाख रुपये तक की सहायता: कुलवीर सिंह राणा

पौंग बांध विस्थापित परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए एक लाख रुपये तक की सहायता: कुलवीर सिंह राणा

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (धर्मशाला ) 24 अगस्त। उपायुक्त (राहत एवं पुनर्वास) राजा का तालाब कुलवीर सिंह राणाा ने जानकारी देते हुए बताया है कि पौंग बांध विस्थापित विकास एजेंसी (पौड़ा) फंड कमेटी के निर्णय के अनुसार पौंग बांध विस्थापित परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
इस योजना के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सरकारी शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक प्रशिक्षण, व्यावसायिक पेशेवर पाठ्यक्रमों तथा उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश शुल्क और ट्यूशन शुल्क की सहायता पौड़ा निधि से प्रदान की जाएगी। पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार अधिकतम एक लाख रुपये तक की शिक्षा सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए आवेदक का पौंग बांध विस्थापित परिवार से संबंधित होना अनिवार्य है। इसके लिए मुआवजा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। साथ ही आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न जन कल्याण योजनाओं के लिए निर्धारित आय सीमा, अर्थात 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके प्रमाण के तौर पर तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
आवेदन के साथ सरकारी शिक्षण संस्थान में प्रवेश का प्रमाण पत्र तथा संस्थान के मुखिया द्वारा जारी प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि विद्यार्थी पाठ्यक्रम बीच में छोड़ देता है अथवा पाठ्यक्रम में अनुत्तीर्ण होकर बाहर हो जाता है, तो प्रदान की गई सहायता राशि वापस करने के लिए निर्धारित प्रपत्र पर तहसीलदार द्वारा सत्यापित शपथ पत्र, जमानत बंधपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
पात्र विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक अधिक जानकारी तथा आवेदन प्रक्रिया के लिए संबंधित उपमंडलाधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सहायता प्राप्त करने हेतु निर्धारित आवेदन प्रपत्र जिला कांगड़ा की आधिकारिक वेबसाइट https://hpkangra.nic.in पर उपलब्ध है।
उन्होंने पात्र पौंग बांध विस्थापित परिवारों से इस सुविधा का लाभ उठाने तथा निर्धारित दस्तावेजों के साथ आवेदन करने का आग्रह किया है।

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