डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को ऋण उपलब्ध करवाना करें सुनिश्चित – मनमोहन शर्मा

ज़िला सलाहकार समीति की 183वीं त्रैमासिक एवं ज़िला स्तरीय समीक्षा तथा यूको आरसेटी की बैठक आयोजित

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (सोलन ) 27 अगस्त। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि समय पर ऋण प्रदान कर लक्षित वर्गों की आर्थिकी को मज़बूत करने में बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां ज़िला के अग्रणी बैंक यूको बैंक द्वारा आयोजित ज़िला सलाहकार समीति की 183वीं त्रैमासिक एवं ज़िला स्तरीय समीक्षा तथा यूको आरसेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि व्यक्तिगत एवं सामाजिक स्तर पर आर्थिकी को सुदृढ़ करने में बैंक की भूमिका अहम हैं। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि ज़िला के आमजन तक वित्तीय योजनाएं पंहुचाने के लिए सशक्त एवं प्रभावी प्रचार सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि जन-धन खाते में आधार व मोबाइल सीडिंग निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के छात्रों तक गुणात्मक शिक्षा पहुंचाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के पात्र विद्यार्थियों को व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा-मेडिकल फार्मेसी, नर्सिंग, विधि आदि में डिप्लोमा व डिग्री कोर्स तथा औद्योगिक संस्थानों, बहुतकनीकी संस्थानों से तकनीकी कोर्स और मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों से पी.एच.डी. करने के लिए एक प्रतिशत ब्याज़ दर पर ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। योजना के तहत अधिकतम 20 लाख रुपए तक शिक्षा ऋण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि पात्र विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर इस योजना के तहत ऋण उपलब्ध करवाया जाए ताकि विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रह सके।
उपायुक्त ने कृषि तथा पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल बीमा तथा पशु बीमा करवाने के लिए किसानों को प्रेरित करें ताकि लाभार्थियों को समय पर इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर लघु प्रसंस्करण संयत्र स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशी जाएं ताकि किसानों की आर्थिकी मज़बूत करने में सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर बैंक शाखाओं में कार्यरत बैंकिग प्रतिनिधियों का मोबाईल नम्बर व जानकारी पंचायत स्तर पर प्रदर्शित करें ताकि ग्रामीणों को समयबद्ध अपनी बैंक सम्बन्धी समस्या का समाधान मिल सके।
मनमोहन शर्मा ने ज़िला में कार्यरत विभिन्न बैंकों को निर्देश दिए कि लम्बित पड़े ऋण मामलों को शीघ्र निपटाएं। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने के लिए प्राप्त आवेदनों पर पात्रता अनुसार शीघ्र कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि युवा उद्यमी समय पर लाभ प्राप्त कर अपना व्यवसाय आरम्भ कर सकें। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह ऋण सम्बन्धी मामलों के अविलम्ब निपटारे के लिए बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करें।
उपायुक्त ने यूको आरसेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रसंस्करण के माध्यम से उत्पाद की शेल्फ लाईफ बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाना आवश्यक है। इस दिशा में यूको आरसेटी को कृषि व्यवसाय से सम्बन्धित प्रशिक्षण कार्यक्रम आरम्भ करने की सम्भावनाएं तलाशनी चाहिएं। यूको ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी) को ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने चाहिएं जो युवाओं को रोज़गार एवं स्वरोज़गार के बेहतर अवसर प्रदान कर सकें। यूको आरसेटी को विभिन्न विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित कर पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण शिविर तथा किसान क्रेडिट कार्ड के लिए मेलों का आयोजन समय-समय पर करते रहना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण लोग लाभान्वित हो सके।
बैठक में ज़िला के अग्रणी बैंक यूको बैंक की प्रबंधक तमन्ना मोदगिल द्वारा जानकारी दी गई कि ज़िला में 30 जून, 2026 तक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से 02 लाख 63 हजार 557 लाभार्थियों को, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 98 हजार 869 तथा अटल पेंशन योजना से 70 हजार 998 लाभार्थी जोड़े जा चुके हैं।इसी तरह प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सोलन ज़िला में 30 जून, 2026 तक शिशु श्रेणी के तहत 425 लाभार्थियों को लगभग 01 करोड़ 44 लाख रुपए, किशोर श्रेणी में 2866 लाभार्थियों को लगभग 41 करोड़ 84 लाख रुपए, तरुण श्रेणी के तहत 1359 लाभार्थियों को लगभग 74 करोड़ 80 लाख रुपए तथा तरुण प्लस श्रेणी के तहत 72 लाभार्थियों को 06 करोड़ 46 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस तरह प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कुल 4722 लाभर्थियों को 124 करोड़ 49 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वरोज़गार मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-2027 तक विभिन्न बैंकों में पंजीकृत 1210 स्वयं सहायता समूहों को 24 करोड़ 26 लाख रुपए का ऋण उपलब्ध करवाया जा चुका है।
बैठक के दौरान यूको आर सेटी की निदेशक मीनू बारिया ने अवगत करवाया कि पिछली तिमाही में सात विभिन्न प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से 201 पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करवाया गया।
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया अग्रणी बैंक के ज़िला अधिकारी राहुल जोशी, नाबार्ड के ज़िला विकास प्रबंधक अशोक चौहान तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित बैंकों के प्रबंधक एवं प्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे।

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