ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए जायका का अहम योगदान: गोमा

बोले, राज्य के हरित आवरण 30 प्रतिशत तक पहुँचाने लक्ष्य किया निर्धारित

ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा सुनिश्चित

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (धर्मशाला ) 07 मई। युवा खेल सेवाएं एवं आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि राज्य सरकार जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी,जायका के सहयोग से वानिकी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सुधार कर रही है इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने मेें अहम भूमिका निभाई है।
सोमवार को खन्यारा के एल्पाइन होटल में जायका प्रोजेक्ट के अनुभवों को सांझा करने के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि जायका प्रोजेक्ट के साथ हिमाचल के सात जिलों के 920 स्वयं सहायता समूह जुड़े है जो कि ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बेहतरीन पहल हुई है। स्वयं सहायता समूह स्थानीय महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों जैसे हर्बल उत्पाद, हस्तशिल्प, और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है।
उन्होेंने कहा कि ग्राम वन विकास समितियों और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वनों के संरक्षण को आजीविका से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि जायका के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों मेें जीवन को सुगम बनाने के लिए ग्रामीणों को आधुनिक तकनीकोें का निरंतर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृत संकल्प है तथा इसी दिशा में हल्दी, दूध, गेहूं सहित अन्य कृषि उत्पादों का न्यूनतम मूल्य निर्धारित किया गया है ताकि अंतिम पायदान पर खड़े किसान की आमदनी में इजाफा हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य भर में बंजर और क्षीण वन भूमियों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है, जिससे राज्य के हरित आवरण 30 प्रतिशत तक पहुँचाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि जायका प्रोजेक्ट के माध्यम से स्थानीय समुदायों को शामिल करके ईको-टूरिज्म साइट्स विकसित की जा रही हैं, जिससे पर्यटन आधारित स्थानीय रोजगार पैदा हो रहा है।
इससे पहले मुख्य अरण्यपाल संजय सूद ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए हिमाचल में जायका प्रोजेक्ट की उपलब्धियों को लेकर विस्तार से जानकारी दी तथा भविष्य की कार्ययोजना से भी अवगत करवाया गया। इस अवसर पर पंजाब के मुख्य अरण्यपाल धर्मेंद्र ने भी अपने अनुभव सांझा किए। इस अवसर पर मेघालय तथा तमिलनाडु के प्रतिनिधियों सहित वन विभाग के अधिकारियों तथा जायका प्रोेजेक्ट के लाभार्थियों ने भी अपने अनुभव सांझाा किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: