एच.पी.वी. वैक्सीन एवं माहवारी स्वच्छता विषय पर जागरूकता शिविर आयोजित

एच.पी.वी. वैक्सीन एवं माहवारी स्वच्छता विषय पर जागरूकता शिविर आयोजित

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (सोलन ) 16 सितंबर।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन के सौजन्य से आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला सोलन में एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) वैक्सीन एवं माहवारी स्वच्छता विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गगन ने की।
डॉ. गगन ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य किशोरियों एवं उनके अभिभावकों को एच.पी.वी. संक्रमण, एच.पी.वी. वैक्सीन के लाभ तथा किशोरियों के स्वास्थ्य एवं माहवारी के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था।
उन्होंने छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को एच.पी.वी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एच.पी.वी. एक सामान्य वायरस है, जिसके कुछ प्रकार आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर सहित कुछ अन्य कैंसर का कारण बन सकते हैं। एच.पी.वी. संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण एक महत्वपूर्ण निवारक उपाय है।
उन्होंने कहा कि 14 से 15 वर्ष की आयु की बालिकाओं को एच.पी.वी. वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि एच.पी.वी. टीकाकरण से संबंधित भ्रांतियों और अफवाहों पर विश्वास न करें तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वैक्सीन का उद्देश्य किशोरियों को भविष्य में एच.पी.वी. संक्रमण से होने वाली गंभीर बीमारियों, विशेषकर सर्वाइकल कैंसर से बचाव प्रदान करना है। टीकाकरण से संबंधित किसी भी शंका या संभावित दुष्प्रभाव के बारे में अभिभावक स्वास्थ्यकर्मियों अथवा चिकित्सकों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रियंका ने कहा कि माहवारी एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है और इसके प्रति किसी प्रकार की झिझक या शर्म नहीं होनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को माहवारी के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने, स्वच्छ एवं सुरक्षित सैनिटरी पैड अथवा उपयुक्त मासिक धर्म स्वच्छता सामग्री का प्रयोग करने तथा उसे समय-समय पर बदलने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सामान्यतः सैनिटरी पैड को बहुत लंबे समय तक न रखें और आवश्यकता के अनुसार लगभग 4 से 6 घंटे में बदलें, जबकि अधिक रक्तस्राव होने पर इससे पहले भी बदलना चाहिए। इस्तेमाल किए गए पैड को उचित तरीके से लपेटकर निर्धारित स्थान पर ही फेंकना चाहिए तथा पैड बदलने से पहले और बाद में हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए।
डॉ. प्रियंका ने छात्राओं को माहवारी के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन एवं अन्य पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार लेने की सलाह दी। उन्होंने हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, फल, दूध एवं दूध से बने पदार्थ तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को माहवारी से संबंधित किसी भी असामान्य समस्या, जैसे अत्यधिक रक्तस्राव, असहनीय दर्द, चक्कर, कमजोरी या अनियमित माहवारी की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और किशोरियों को सही एवं वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करवाना उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम में छात्राओं एवं अभिभावकों ने एच.पी.वी. वैक्सीन और किशोर स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। इनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।

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