आवश्यक वस्तुओं की नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करें- अपूर्व देवगन
डेली पब्लिक लाइव न्यूज (मंडी ) 5 अक्तूबर। उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के वीसी रूम में सार्वजनिक वितरण कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, गुणवत्ता नियंत्रण, बाजार निरीक्षण तथा राशन कार्डों की डिजिटल सेवाओं की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुओं की नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बाजारों और उचित मूल्य की दुकानों का नियमित निरीक्षण करने तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि जनवरी, 2026 से अगस्त, 2026 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से जिला के उपभोक्ताओं को 31,066.8 मीट्रिक टन आटा, 19,192.4 मीट्रिक टन चावल, 3,699.3 मीट्रिक टन दालें, 3,578 मीट्रिक टन चीनी, 25,33,934 लीटर खाद्य तेल तथा 1,216.4 मीट्रिक टन नमक वितरित किया गया।
बैठक में बताया गया कि विभिन्न नियंत्रण आदेशों के तहत जनवरी से अगस्त, 2026 तक जिला में कुल 6,487 निरीक्षण किए गए। निरीक्षण के दौरान 4,787 किलोग्राम पॉलीथीन जब्त कर 36,000 रुपये जुर्माना वसूला गया।
इसके अतिरिक्त विभिन्न उचित मूल्य की दुकानों, थोक गोदामों तथा मिलों में पाई गई अनियमितताओं के संबंध में 78,664 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं 1,190 किलोग्राम फल एवं सब्जियां जब्त कर 67,110 रुपये जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा 68 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए तथा 1,09,250 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस प्रकार जनवरी से अगस्त, 2026 तक विभाग द्वारा कुल 2,91,024 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
यह भी बताया गया कि जिला में सभी 871 उचित मूल्य की दुकानों में ई-पॉस मशीनें वितरित की जा चुकी हैं तथा विक्रेताओं/डिपो धारकों को ई-पॉस मशीनों के संचालन से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है। जिला में आधार सीडिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जा चुका है, जबकि मोबाइल सीडिंग 96.59 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुकी है। ई-केवाईसी कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के दृष्टिगत फेस ईकेवाईसी भी जारी है।
इसके उपरांत जिला स्तरीय सतर्कता समिति के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की बैठक आयोजित की गई। इसमें बताया गया कि जिला में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 407,403 लाभार्थियों का चयन किया गया है जिन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गुणवत्तायुक्त राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
इसके साथ ही, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बच्चों और महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला मंडी के 1,063 प्राइमरी स्कूलों के 13,279 बच्चों और 753 अपर प्राइमरी स्कूलों के 25,507 बच्चों सहित कुल 38,786 विद्यार्थियों को मिड-डे मील योजना के तहत भारतीय खाद्य निगम द्वारा आपूर्ति किया गया फोर्टिफाइड चावल नियमित रूप से प्रदान किया जा रहा है। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत 350 लाभार्थियों को 2,77,300 रुपये का वित्तीय लाभ सीधे हस्तांतरित किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 महीने से 3 वर्ष के 26,246 बच्चों, 3 से 6 वर्ष के 7,662 बच्चों, 5,029 गर्भवती महिलाओं और 4,346 स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषाहार सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण स्तर को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
इन बैठकों का संचालन जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक ब्रिजेन्द्र सिंह ने किया।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती,सीएमओ डॉ. अशोक कुमार चौहान, डीपीओ आईसीडीएस अजय बदरेल, सहायक पंजीयक सहकारी सभा राजेश जसवाल, एरिया मैनेजर (सिविल सप्लाईज) संजीव वर्मा, उपनिदेशक स्कूल शिक्षा प्रारंभिक सुनील ठाकुर सहित सार्वजनिक वितरण कमेटी तथा जिला स्तरीय सतर्कता समिति के अन्य सरकारी और गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।


