राजस्व मामलों के निपटारे पर सरकार का जोर, ऊना में दो साल में 9,647 मामलों में कार्रवाई

मुख्यमंत्री सुक्खू के विशेष अभियान के अनुरूप जिला में राजस्व मामलों के शीघ्र निपटारे पर बल

डेली पब्लिक लाइव न्यूज (ऊना )19 अक्टूबर। राजस्व सेवाओं को सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों के तहत ऊना जिला में भी भूमि संबंधी मामलों के निपटारे पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के विशेष अभियान के अनुरूप जिला में इंतकाल, तकसीम, निशानदेही और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। उपायुक्त जतिन लाल के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने लंबित मामलों के निपटारे को गति देने और राजस्व सेवाओं की नियमित समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है।

जिला के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 और वर्ष 2026 में अब तक इंतकाल, तकसीम, निशानदेही और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती से संबंधित कुल 9,647 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई है। इनमें इंतकाल के 7,265, निशानदेही के 1,597, तकसीम के 590 और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती के 195 मामले शामिल हैं। ये आंकड़े जिले में राजस्व सेवाओं के तहत किए गए कार्यों का दायरा सामने रखते हैं।

विशेष राजस्व अदालतों से लंबित मामलों के निपटारे पर जोर

जिला राजस्व अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि राजस्व मामलों की सुनवाई और निपटारे को गति देने के लिए जिला में हर सप्ताह मंगलवार, बुधवार और वीरवार को विशेष तकसीम अदालतें लगाई जा रही हैं। इसके अलावा महीने के अंतिम दो दिनों में राजस्व अदालतें लगाई जा रही हैं, ताकि लंबित मामलों पर कार्रवाई के अतिरिक्त अवसर मिल सकें। इन प्रयासों का उद्देश्य भूमि संबंधी मामलों की सुनवाई को गति देना और लोगों को राजस्व सेवाएं समय पर उपलब्ध करवाना है।

15 दिसंबर तक रिकॉर्ड दुरुस्ती की पेंडेंसी शून्य करने का लक्ष्य

राजस्व मामलों के निपटारे को लेकर उपायुक्त जतिन लाल ने समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया है। हाल ही में राजस्व अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती के सभी लंबित मामलों का निपटारा 15 दिसंबर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निशानदेही और तकसीम के लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने तथा इंतकाल और जमाबंदी से जुड़े मामलों की पेंडेंसी कम करने को भी कहा।

विकास परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण भी अहम

उल्लेखनीय है कि राजस्व विभाग की भूमिका लोगों के निजी भूमि संबंधी मामलों तक सीमित नहीं है। विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। उपायुक्त जतिन लाल ने हालिया बैठक में ऐसे मामलों की उपमंडलवार समीक्षा की और लंबित प्रकरणों को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें करने के निर्देश दिए।

स्वामित्व योजना के तहत लंबित महालों के मानचित्र अपलोड करने, पटवारियों को प्रशिक्षण देने और ड्रोन मैपिंग के बाद की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी करने पर भी जोर दिया गया है। इन कार्यों से राजस्व रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

समय पर सेवाएं मिलना सबसे अहम

राजस्व सेवाओं में सुधार के साथ जिला प्रशासन का इस बात पर बल है कि लोगों के काम आसानी से और कम समय में पूरे हों। इंतकाल, निशानदेही, तकसीम और रिकॉर्ड दुरुस्ती जैसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई से लोगों को सुविधा पर बल है। प्रदेश सरकार के अभियान को जिला स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए विशेष राजस्व अदालतें, लंबित मामलों की समीक्षा और निपटारे की समयसीमा महत्वपूर्ण हैं।

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