कहा-हर बेटी को मिलने चाहिए समान अवसर
राज्यपाल ने भारतीय उत्कृष्टता पुरस्कार-2026 के तहत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों को किया सम्मानित
डेली पब्लिक लाइव न्यूज (बिलासपुर ) 4 नवंबर।राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज बिलासपुर में लाडली फाउंडेशन द्वारा आयोजित भारतीय उत्कृष्टता पुरस्कार-2026 समारोह में एक ऐसे समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया, जहां हर बेटी को समान अवसर मिलें, हर महिला सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन व्यतीत कर सके व हर युवा आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सके।
उन्होंने इस आयोजन के लिए फाउंडेशन की सराहना की तथा समाज और राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले सम्मानित व्यक्तियों एवं संस्थाओं को शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने कहा कि किसी समाज की वास्तविक प्रगति का आकलन केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि महिलाओं को मिलने वाले सम्मान और सुरक्षा, बेटियों के लिए उपलब्ध अवसरों, युवाओं की जागरूकता एवं आत्मनिर्भरता तथा कमजोर और वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशीलता से भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि लाडली फाउंडेशन द्वारा इन क्षेत्रों में किया जा रहा कार्य सामाजिक कल्याण के प्रति व्यापक प्रतिबद्धता को परिलक्षित करता है।
भारतीय संस्कृति में महिलाओं के स्थान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को परंपरागत रूप से शक्ति, सृजनशीलता और संस्कारों का प्रतीक माना गया है। आज भारतीय महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, रक्षा, उद्यमिता और राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। हालांकि, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा, सुरक्षा, समान अवसर और आत्मनिर्भर बनने के साधन उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का आंदोलन है। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या, लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सामूहिक रूप से आवाज उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवा राज्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं और नशे की लत युवाओं, परिवारों तथा समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने के साथ-साथ खेल, शिक्षा, कौशल विकास, पर्यटन, कृषि, बागवानी, स्वरोजगार और उद्यमिता जैसे सकारात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक संगठनों से आग्रह किया कि वे नशामुक्ति की पहलों को व्यापक जनजागरूकता और जनभागीदारी के अभियानों में परिवर्तित करें।
पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, वन, नदियां, झीलें और जल संसाधन अमूल्य धरोहर हैं जिन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि जल संरक्षण, प्लास्टिक के कम उपयोग, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग को भी दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा।
राज्यपाल ने दहेज प्रथा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, अंधविश्वास और सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कानूनी उपायों के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता भी स्थायी बदलाव के लिए आवश्यक है। इसकी शुरुआत परिवारों और प्रत्येक व्यक्ति के आचरण से होनी चाहिए।
लाडली फाउंडेशन द्वारा महिला सशक्तिकरण, बालिकाओं के अधिकारों की सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सामाजिक संगठन सरकार और नागरिकों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। इनके प्रयासों से जागरूकता बढ़ती है और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को गति मिलती है। उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
इस अवसर पर राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भारतीय उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। सम्मानित होने वालों में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा, उपायुक्त बिलासपुर किरण भड़ाना, आईएएस अधिकारी राजीव शर्मा तथा पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अभिषेक धीमान सहित अन्य गणमान्य शामिल रहे।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने पुरस्कार प्राप्त करने वालों को बधाई देते हुए उन्हें ‘सुपर अचीवर्स’ बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति न केवल अपने जीवन में बदलाव लाते हैं, बल्कि दूसरों के जीवन को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। आने वाली पीढ़ियां उनके समर्पण और उपलब्धियों से प्रेरणा लेती हैं। उन्होंने लाहौल-स्पीति की उपायुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान किरण भड़ाना द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों का भी उल्लेख किया।
श्री धर्माणी ने कहा कि जिले में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है तथा बिलासपुर और मंडी के बीच 12 किलोमीटर लंबे क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क को बेहतर बनाया जा रहा है और बिलासपुर शीघ्र ही प्रदेश के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने शिमला की ओर फोरलेन निर्माण में हो रही प्रगति का भी उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में एक वर्ष के भीतर रेल संपर्क उपलब्ध होने की उम्मीद है जिससे विकास की संभावनाओं में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल से राज्य को प्रतिमाह लगभग तीन करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को जल विद्युत क्षेत्र से भी लाभ मिलना शुरू हुआ है तथा केरलम को आपूर्ति की जाने वाली बिजली से बेहतर राजस्व और परियोजनाओं से अधिक रॉयल्टी प्राप्त हो रही है। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में हिमाचल प्रदेश की स्थायी सदस्यता का मामला उठाएं।
इससे पूर्व लाडली फाउंडेशन के संरक्षक ईशान अख्तर ने राज्यपाल का स्वागत किया। इस अवसर पर फाउंडेशन की प्रदेश अध्यक्ष शालू अख्तर सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।


