जनविरोधी निर्णय की निंदा – कांग्रेस सरकार की तानाशाही के विरुद्ध उठी आवाज़: तरसेम भारती
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (सोलन )
14 मई। भाजपा नेता व प्रदेश संयोजक, भाजपा रेहड़ी-फ़हड़ी एवं झुग्गी-झोंपड़ी प्रकोष्ठ
तरसेम भारती ने कहा है कि कांग्रेस सरकार का यह निर्णय कि मरीजों से अब ₹10 का परचा शुल्क वसूला जाएगा, पूरी तरह से जनविरोधी, गरीब विरोधी और तानाशाही मानसिकता का प्रतीक है। चमियाणा अस्पताल में यह वसूली शुरू होने जा रही है, और आने वाले दिनों में इसे पूरे हिमाचल प्रदेश के सभी अस्पतालों में लागू करने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला है। बिना किसी जनसहमति के स्वास्थ्य सेवाओं का यह निजीकरण जैसा कदम, सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। खासतौर पर जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं सोलन विधायक कर्नल धनीराम शांडिल के गृह क्षेत्र सोलन के अस्पताल की हालत ही बदतर है, जहाँ बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएँ तक नहीं हैं।
तरसेम भारती ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि एक ओर जनता इलाज के लिए संघर्ष कर रही है, और दूसरी ओर कांग्रेस सरकार उनसे फीस वसूलने पर तुली हुई है। यह नीति गरीबों और जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर करने का सुनियोजित षड्यंत्र है।
उन्होंने सवाल उठाया –
क्या अब गरीब बीमार होने से भी डरे? क्या यह वही सरकार है जो जनकल्याण की बात करती थी?
भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी में फर्क को उजागर करते हुए इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो जनता सड़क पर उतरकर इसका करारा जवाब देगी।

