कृषक विकास संगठनों के के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (कुल्लू ) 21 अगस्त। हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-II) जायका-ओ.डी.ए. के अंतर्गत खण्ड परियोजना प्रबंधन इकाई, कुल्लू द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, बजौरा में कृषक विकास संगठनों की प्रबंधन समितियों के सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिला कुल्लू की 16 उप-परियोजनाओं से जुड़े 42 प्रबंधन समिति सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ खण्ड परियोजना प्रबंधक, कुल्लू डॉ. जयंत रत्ना ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि कृषक विकास संगठनों को प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने में प्रबंधन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को अपने दायित्वों एवं जिम्मेदारियों की जानकारी होने से संगठनों में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान कृषक विकास संगठनों के गठन एवं संचालन, प्रबंधन समिति की भूमिका, अभिलेखों के रख-रखाव, बैठकों के आयोजन, सामूहिक निर्णय लेने, वित्तीय प्रबंधन तथा परियोजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों के साथ व्यावहारिक समस्याओं, किसानों की भागीदारी तथा सिंचाई योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधक, मंडी डॉ. हेम राज वर्मा ने मुख्य सलाहकार हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-II) जायका-ओ.डी.ए. बलजीत सिंह संधू, उप-परियोजना निदेशक डॉ. राजेश ठाकुर तथा पीएमसी के विशेषज्ञों डॉ. नरदेव ठाकुर और डॉ. आर.एस. ठाकुर का स्वागत एवं सम्मान किया।
डॉ. राजेश ठाकुर ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने के लिए उत्पादन के साथ-साथ संग्रहण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग एवं विपणन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को उत्पादन से लेकर बाजार तक पूरी मूल्य श्रृंखला से जोड़ना आवश्यक है। सामूहिक प्रयासों और मजबूत बाजार संपर्क के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी एवं व्यवसायिक गतिविधि बनाया जा सकता है।


