वन स्टॉप सेंटर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (सोलन ) 8 सितंबर।हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने कहा कि महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। विद्या नेगी हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग व राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से आज यहां सखी वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को संबोधित कर रही थी।
विद्या नेगी ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध करवाना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को संकट की परिस्थितियों में आवश्यक सहायता, परामर्श एवं अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है तथा वह पीड़ित महिलाओं को अधिक संवेदनशीलता और प्रभावी ढंग से सहायता प्रदान कर सकते हैं।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी स्थापित किया तथा उनके अनुभवों, कार्यों एवं समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों के समाधान के लिए सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य निजी और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा या संकट से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को एक ही छत के नीचे एकीकृत सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पुलिस सहायता जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलती हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा पीड़ित महिला को वन स्टॉप सेंटर में उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने महिलाओं को पैतृक सम्पत्ति का अधिकार के बारे में जानकारी दी।
विद्या नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण व उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं कार्यान्वित की जा रही है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने का तथा इन योजनाओं की जानकारी सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचाने का आग्रह भी किया।
हिमाचल प्रदेश राज्य महिला की सदस्य रीना पंडिर, रीना डरोच तथा सरोज शर्मा ने प्रशिक्षण शिविर में महिला अधिकारों, महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, लैंगिक संवेदनशीलता, परामर्श प्रक्रिया तथा वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की।
उप पुलिस अधीक्षक अशोक चौहान ने महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनकी सुरक्षा विषय पर, बाल विकास परियोजना अधिकारी सोलन कविता गौतम ने वन स्टॉप सेंटर के बारे में, डॉ. वीणा व डॉ. वैशाली ने मानसिक स्वास्थ्य और स्व-देखभाल (बर्नआउट की रोकथाम, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक लचीलापन) विषय पर तथा विधि अधिकारी यशपाल शर्मा ने घरेलू हिंसा अधिनियम, पीओसीएसओ, बीएनएस एचपीएससी डब्ल्यू के प्रावधान और अन्य महिला-संबंधी कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद करते हुए कार्यक्षेत्र से संबंधित प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए।
प्रशिक्षण शिविर में ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम देव शर्मा, महिला आयोग की वरिष्ठ सहायक राधिका, सोनिया, विनय व सागर सहित ज़िला सोलन, ऊना, किन्नौर, सिरमौर, शिमला तथा बिलासपुर के लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।


