लोक निर्माण एवं जल शक्ति विभाग के विकासात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (रिकांग पीओ )10 सितंबर। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री श्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज रिकांग पीओ में लोक निर्माण विभाग मंडल कल्पा एवं करछम तथा जल शक्ति विभाग मंडल पूह एवं रिकांग पीओ के अधिकारियों के साथ विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संबंधित विभागों के माध्यम से संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान पेयजल योजना सुन्नम, नेसंग, लाबरंग, शुदारंग, निचार-छोत कंडा तथा तानलिंग, सीवरेज योजना रिब्बा, नमज्ञा, सांगला, रारंग, बारंग, ख्वांगी एवं रिकांग पीओ तथा बहाव सिंचाई योजना रिब्बा, जंगी, लिप्पा, ठंगी, बोक्टु, कांचे पोंडा, चौरा, यूला एवं जानी की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त मल निकासी योजना कल्पा एवं पांगी, विभिन्न भवन निर्माण कार्यों, सड़कों तथा अन्य विकासात्मक कार्यों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई।
माननीय राजस्व मंत्री ने संबंधित विभागों से प्रत्येक विकासात्मक योजना में उपलब्ध अप्रयुक्त बजट का विस्तृत ब्यौरा मांगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं में बजट की राशि अभी तक खर्च नहीं हो पाई है, उस राशि को अन्य आवश्यक एवं पात्र कार्यों के लिए पुनर्विनियोजित करने के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाए, ताकि उपलब्ध बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि (एसडीआरएफ) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि (एनडीआरएफ) के तहत पिछले तीन वर्षों के दौरान प्राप्त बजट की भी समीक्षा की गई। राजस्व मंत्री ने संबंधित विभागों से प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान के एवज में प्राप्त बजट का वर्षवार एवं मदवार विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी जानकारी मांगी कि आपदा से संबंधित कार्यों के लिए प्राप्त बजट में से कितनी राशि का उपयोग किया जा चुका है तथा कितनी राशि शेष है। साथ ही, यदि प्राकृतिक आपदा से संबंधित कार्यों के संबंध में कोई दायित्व शेष है तो उसका भी विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए, ताकि लंबित दायित्वों के निपटारे के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि किन्नौर जिला भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियों की दृष्टि से संवेदनशील है और यहां प्राकृतिक आपदाओं के कारण समय-समय पर सड़क, पेयजल, सिंचाई तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने अधिकारियों को आपदा के बाद पुनर्बहाली के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा उपलब्ध धनराशि का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
जन शिकायत निवारण मंत्री श्री जगत सिंह नेगी ने बैठक के उपरांत दूर-दराज के गांवों से आए लोगों की जन शिकायतें भी सुनीं। उन्होंने लोगों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुना तथा उनके शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जन शिकायतों के निपटारे में अनावश्यक देरी न हो तथा प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में परियोजना अधिकारी एकीकृत जनजातीय विकास किन्नौर घनश्याम दास, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण प्रदीप सिंह ठाकुर, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रमोद नेगी, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग मनोज नेगी एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।


