टी,बी मु,क्त अभियान के तहत शिमला जिला में जांच एवं उपचार की दिशा में बेहतर प्रगति

टी,बी मु,क्त अभियान के तहत शिमला जिला में जांच एवं उपचार की दिशा में बेहतर प्रगति

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (शिमला ) 11 सितंबर। जिला स्तरीय टीबी मुक्त अभियान समिति की बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित की गई। इस बैठक में बताया गया कि जिला में वर्ष 2026 के जनवरी से अगस्त माह तक क्षय रोग (टीबी) की पहचान, जांच, उपचार और मरीजों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिला में टीबी से संबंधित विभिन्न प्रमुख संकेतकों में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप बेहतर उपलब्धियां हासिल की गई हैं।
जनवरी से अगस्त 2026 तक प्रिजम्प्टिव टीबी जांच दर के तहत निर्धारित लक्ष्य 24,408 के मुकाबले 28,008 लोगों की जांच की गई, जो 115 प्रतिशत उपलब्धि है। इसी अवधि में टीबी केस नोटिफिकेशन का लक्ष्य 1,387 था जबकि 1,393 टीबी मरीजों को नोटिफाई किया गया, जिसकी उपलब्धि 100 प्रतिशत रही।
टीबी मरीजों की समग्र जांच एवं उपचार प्रक्रिया के तहत एचआईवी स्टेटस ज्ञात करने के लक्ष्य 1,012 के मुकाबले 992 मरीजों का एचआईवी स्टेटस ज्ञात किया गया, जिसकी उपलब्धि 98 प्रतिशत रही। इसी प्रकार ब्लड शुगर स्टेटस के मामले में भी 1,012 के लक्ष्य के मुकाबले 992 मरीजों की जांच की गई और उपलब्धि 98 प्रतिशत रही।
बैठक में बताया गया कि UDST (Rif Status) के तहत निर्धारित 626 के लक्ष्य के मुकाबले 598 मरीजों की जांच की गई, जिसकी उपलब्धि 96 प्रतिशत रही। वहीं, पिछले वर्ष की समान समयावधि के आधार पर टीबी उपचार सफलता दर के लिए निर्धारित 1,103 के मुकाबले 1,015 की उपलब्धि दर्ज की गई, जो 92 प्रतिशत है।
निक्षय पोषण योजना के तहत 1,012 लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले 766 लाभार्थियों को भुगतान किया गया, जिसकी उपलब्धि 76 प्रतिशत रही। DRTB उपचार शुरू करने के मामले में निर्धारित 19 के लक्ष्य के मुकाबले 18 मरीजों का उपचार शुरू किया गया, जोकि 95 प्रतिशत उपलब्धि है। वहीं TPT (TB Preventive Treatment) शुरू करने के लिए निर्धारित 1,093 के लक्ष्य के मुकाबले 987 की उपलब्धि दर्ज की गई, जो 90 प्रतिशत है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि इस संबंध में नए पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसमें टीबी मुक्त अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। NCC, NSS के छात्र और छात्राओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा जोकि अभियान के बारे में आमजन को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाएंगे। जिला में अधिक से अधिक लोगों की टेस्टिंग की जाएगी ताकि टीबी मुक्त अभियान को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ यशपाल रांटा, डॉ विनीत लखनपाल , जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पाल सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच 28 टीबी मरीजों की मृत्यु
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान शिमला जिला में कुल 674 टीबी मरीजों में से 28 मरीजों की मृत्यु दर्ज की गई, जिसमें कुल मृत्यु दर 4 प्रतिशत रही। खण्ड वार आंकड़ों के अनुसार चिड़गांव में 39 टीबी मरीजों में 1 मृत्यु, जुब्बल कोटखाई में 26 में 1, कुमारसैन में 18 में 1, मशोबरा में 153 में 5, मतियाना में 47 में 3, ननखड़ी में 19 में 1, नेरवा में 53 में 1 तथा रामपुर में 112 में 4 मरीजों की मृत्यु दर्ज की गई। सुन्नी में 15 तथा टिक्कर में 47 टीबी मरीजों में कोई मृत्यु दर्ज नहीं हुई। शिमला शहरी क्षेत्र में 145 टीबी मरीजों में 11 मरीजों की मृत्यु दर्ज की गई।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार की निरंतरता, टीबी मरीजों के पोषण एवं उपचार संबंधी सहायता तथा टीबी की रोकथाम पर विशेष जोर दिया जा रहा है। टीबी मुक्त अभियान की सफलता के लिए आमजन से भी अपील की गई है कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते जांच करवाएं और चिकित्सकों द्वारा निर्धारित उपचार का पूरा कोर्स करें।

जिला में 141 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त घोषित
टीबी मुक्त अभियान के तहत शिमला जिला में वर्ष 2025 में कुल 412 ग्राम पंचायतों में से 141 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के साथ जिला की 34 प्रतिशत ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त श्रेणी में शामिल हुई हैं।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या के मामले में रोहड़ू विकासखंड सबसे आगे रहा, जहां कुल 37 में से 19 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुई हैं। ठियोग में 59 में से 24 ग्राम पंचायत, बसंतपुर में 24 में से 14, कोटखाई में 26 में से 13 तथा जुब्बल में 25 में से 11 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं।
इसी प्रकार टुटू में 34 में से 11, नारकंडा में 28 में से 11, छौहारा में 32 में से 9, चौपाल में 48 में से 7, ननखड़ी में 17 में से 7, मशोबरा में 30 में से 6, रामपुर में 37 में से 6 तथा कुपवी में 15 में से 3 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुई हैं।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की यह उपलब्धि टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार की निरंतरता, रोकथाम तथा जनभागीदारी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अभियान के तहत पंचायत स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और शिमला जिला को पूर्णतः टीबी मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को उपलब्धि के आधार पर तीन श्रेणियों में सम्मानित किया गया है। इनमें 23 ग्राम पंचायतें गोल्ड श्रेणी में, 34 ग्राम पंचायत सिल्वर श्रेणी में और 84 ग्राम पंचायतें ब्रॉन्ज श्रेणी में शामिल हैं।

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