राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने उपायुक्तों से सात दिन में मांगी रिपोर्ट
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (ऊना ) 18 सितंबर। हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने प्रदेश में बिजली और एंबुलेंस के आवागमन योग्य सड़क सुविधा से वंचित अनुसूचित जाति बस्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने सभी उपायुक्तों को ऐसी बस्तियों की पहचान कर सात दिनों के भीतर सत्यापित एवं प्रमाणित रिपोर्ट आयोग को भेजने को कहा है।
आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार द्वारा उपायुक्तों को जारी निर्देशों में प्रदेश की अनुसूचित जाति बस्तियों और क्षेत्रों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर जिला स्तर पर व्यापक एवं समयबद्ध अभियान चलाने को कहा गया है।
अभियान के दौरान ऐसी प्रत्येक अनुसूचित जाति बस्ती अथवा क्षेत्र की पहचान की जाएगी, जहां बिजली उपलब्ध नहीं है अथवा विद्युतीकरण नहीं हुआ है या जहां एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के आवागमन के लिए मोटर योग्य सड़क संपर्क उपलब्ध नहीं है।
कुलदीप कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति बस्तियों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर बिजली और एंबुलेंस की पहुंच वाली सड़क कनेक्टिविटी का अभाव गंभीर विषय है। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा तत्काल हस्तक्षेप, स्थिति का सत्यापन तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आयोग ने उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि इस कार्य के लिए संबंधित एसडीएम, बीडीओ, ग्राम पंचायतों तथा सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल जुटाकर आवश्यक जानकारी एकत्र की जाए और उसका फील्ड स्तर पर भौतिक सत्यापन करवाया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी अनुसूचित जाति बस्ती अथवा क्षेत्र सर्वेक्षण एवं सत्यापन की प्रक्रिया से छूटने न पाए।
जिला रिपोर्ट में संबंधित गांव-बस्ती का नाम, ग्राम पंचायत, विकास खंड और अनुसूचित जाति की आबादी के साथ उपलब्ध न होने वाली सुविधा की स्थिति, उसके कारण, वर्तमान स्थिति तथा संबंधित विभाग की कार्रवाई का विवरण देना होगा। रिपोर्ट में संभावित बाधाओं और कठिनाइयों के साथ सुविधा उपलब्ध करवाने की प्रस्तावित समय-सीमा का भी उल्लेख करना होगा।
आयोग ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि पत्र प्राप्त होने की तिथि से सात दिनों के भीतर विधिवत सत्यापित एवं प्रमाणित रिपोर्ट बिना चूक आयोग को उपलब्ध करवाई जाए।


