हमीरपुर के 5 गांवों में शुरू हुई सामुदायिक मध्यस्थता योजना

सामुदायिक मध्यस्थता से निपटाए जा सकते हैं कई लंबित मामले

डेली पब्लिक लाइव न्यूज (हमीरपुर )01 अक्तूबर। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि अदालतों में अक्सर आने वाले कई छोटे-छोटे मामलों को मध्यस्थता और आपसी सहमति से निपटाया जा सकता है। इससे इन मामलों के सभी पक्षकारों के समय और धन की बचत होगी तथा उनके आपसी संबंधों में अनावश्यक कटुता भी नहीं बढ़ेगी। अदालतों का समय भी बचेगा। उन्होंने कहा कि इसी के मद्देनजर, राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) ऐसे मामलों में मध्यस्थता एवं आपसी सहमति को प्रेरित कर रही है। इसी कड़ी में नालसा ने ‘विवाद मुक्त एवं मुकदमा मुक्त ग्रामीण भारत की ओर’ अभियान आरंभ किया है।
इस अभियान के तहत कम्युनिटी मेडिएटर यानि सामुदायिक मध्यस्थ बनाए जा रहे हैं, जोकि विभिन्न मामलों के पक्षकारों के बीच मध्यस्थता करके इन मामलों को आपसी सहमति से निपटाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। ये कम्युनिटी मेडिएटर अपने-अपने क्षेत्रों में मध्यस्थता एवं आपसी सहमति को बढ़ावा देकर इन क्षेत्रों को लिटिगेशन-फ्री यानि मुकदमा-मुक्त क्षेत्र बनाने में योगदान देंगे।
कुलदीप शर्मा ने बताया कि जिला हमीरपुर के 5 गांवों स्वाहल, ब्याड़, धमरोल, मझियार और रोपा में पायलट आधार पर सामुदायिक मध्यस्थता योजना आरंभ की गई है। इसके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थों की नियुक्ति की गई है। इनके माध्यम से कई विवादों को निपटाया जा सकता है। इन विवादों के पक्षकार स्वयं भी सीधे आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 01972-224399 पर या राष्ट्रीय विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: