तकनीकी शिक्षा मंत्री ने किया राज्य स्तरीय स्मार्ट हैकाथॉन-2026 का शुभारंभ, 16 टीमों ने प्रस्तुत किए तकनीकी समाधान
डेली पब्लिक लाइव न्यूज (मंडी ) 16 अक्तूबर।जवाहरलाल नेहरू राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय (जेएनजीईसी), सुंदरनगर में शुक्रवार को राज्य स्तरीय स्मार्ट हैकाथॉन-2026 के तीसरे संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में ग्राम एवं नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा राज्य स्तरीय स्मार्ट हैकाथॉन स्मारिका का विमोचन भी किया।
राजेश धर्माणी ने कहा कि स्मार्ट हैकाथॉन युवाओं की रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और समस्या समाधान की क्षमता को विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करते हुए समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान तलाशने चाहिए। किसी भी परियोजना में सफलता हासिल करने के लिए पूरी लगन, समर्पण और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग के साथ अन्य शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भी भाग लेने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इनोवेशन फंड का प्रावधान किया है। संभावनाओं वाले विचारों का विशेषज्ञों से मूल्यांकन करवाकर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता दी जा सकती है। इसके तहत पात्र नवाचारों के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। उन्होंने विद्यार्थियों से नए विचारों के साथ आगे आने और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में योगदान देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में टीम भावना, आत्मविश्वास और उद्यमिता की सोच विकसित करने के साथ रोजगार के नए अवसर तलाशने में भी सहायक हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि तीन वर्ष पहले शुरू किया गया स्मार्ट हैकाथॉन अब विद्यार्थियों की सोच और दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस मंच पर विद्यार्थियों ने तकनीकी मॉडल के माध्यम से विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इनमें से कुछ विचार भविष्य में स्टार्टअप का रूप लेंगे और समाज के लिए उपयोगी तकनीक एवं प्रक्रियाओं के विकास में सहायक बनेंगे।
हैकाथॉन में प्रदेश के विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों की 16 टीमों के 64 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने आपदा प्रबंधन, पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा एवं आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, वरिष्ठ नागरिकों की सहायता, दिव्यांगजनों की सुविधाओं, डिजिटल संचार, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विषयों पर आधारित तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।
प्रदेश सरकार की ओर से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को क्रमशः 20 हजार, 16 हजार और 12 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। अन्य प्रतिभागियों को भी एक-एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा निदेशक रोहित राठौर, महाविद्यालय के निदेशक-सह-प्रधानाचार्य प्रो. राजीव खंडूजा, डॉ. मृदुल शर्मा, डॉ. निताशा बिष्ट, डॉ. दिनेश भाटिया, डॉ. अंकुश शर्मा सहित विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थाओं के विद्यार्थी उपस्थित रहे।


