उद्यमियों को सरकारी योजनाओं एवं नवाचारों की दी जानकारी
डेली पब्लिक लाइव न्यूज (सोलन ) 23 अक्तूबर।उद्योग विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग प्रदर्शन को बढ़ाने और गति देने (रैम्प) की योजना के अंतर्गत सोलन में एक दिवसीय साझेदार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 60 से अधिक उद्यमियों एवं हितधारकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, गिफ्ट एण्ड स्पाईस ( Green Investment and Financing for Transformation तथा Scheme for Promotion and Investment in Circular Economy) योजना, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस ( GeM) तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI) आधारित हस्तक्षेपों के प्रति जागरूक करना और व्यवसाय विकास को प्रोत्साहित करना था।
जिला उद्योग केंद्र सोलन के महाप्रबंधक सुरेंद्र ठाकुर ने कार्यक्रम में उद्यमियों को प्रदेश सरकार द्वारा उद्योंगों के लाभ के लिए कार्यन्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने उद्यमियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने उद्योग केन्द्रीत आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा व्यवसाय की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्यमियों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ऋषभ श्याम एवं पुनीत कुमार ने विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम सत्र में गिफ्ट एण्ड स्पाईस योजना के अंतर्गत उपलब्ध सहायता एवं अवसरों, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पोर्टल पर पंजीकरण तथा सरकारी खरीद प्रक्रिया में भागीदारी के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हस्तक्षेपों एवं डिजिटल समाधानों के माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की कार्यक्षमता, उत्पादकता, ब्रांड प्रचार और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के संभावित अवसरों पर भी विस्तृत प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने उद्यमों को अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफार्म के उपयोग और व्यवसाय विस्तार के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को सरकारी सहायता, डिजिटल व्यापार और आधुनिक तकनीकी समाधानों से जोड़ना तथा उनके सतत विकास एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ावा देना था।


