ब्लडप्रेशर, मधुमेह, दिल और कई हड्डियों के रोग के लिए औषधि रूपी है श्री अन्न – डॉ प्राची।
DPLN ( सुंदरनगर )
23 जुलाई ।
अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के अंतर्गत कृषक प्रशिक्षण केन्द्र सुन्दरनगर में कृषि व पशु सखियों को हिमाचल प्रदेश राज्य आजाविका मिशन द्वारा प्रायोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्याक्रमों के आयोजन द्वारा जागरूक किया जा रहा है I प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन प्रमुख केन्द्र बिन्दुओं पर आधारित है -पोषक अनाजों का उत्पादन, उनसे बनने वाले व्यंजन तथा खाद्य सुरक्षा। इस कड़ी में 23 से 29 जुलाई तक चलने वाले चौथे प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ रविवार को किया गया।इस अवसर पर प्रधानाचार्य कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर डॉ प्राची ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पुराने दौर में जहां हर ग्रामीण इलाकों में परंपरागत खेती कर मोटे अनाज को तैयार करते थे, वहीं बदलती भौगोलिक परिस्थितियों के चलते परंपरागत खेती से किसान दूर होने लगे और मोटे अनाज की खेती भी बंद हो गई। मोटे अनाजों के सेवन से कई बीमारियां दूर होती हैं। ब्लडप्रेशर, मधुमेह रोग, दिल के रोग सहित कई हड्डियों के रोग के लिए तो यह परंपरागत अनाज औषधि रूपी माने जाते हैं।कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ पंकज सूद ने भी प्रतिभागियों को श्री अन्न के उतपादन द्वारा पर्यावरण सुरक्षा, नमी सरंक्षण तथा दैनिक जीवन में उपयोगिता से अवगत करवाया।प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्यवक कृषि विकास अधिकारी डॉ अमर सिंह कौंडल और प्रशिक्षण अधिकारी डॉ शंकर दास शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में जिला मंडी व शिमला के 40 प्रतिभागी भाग ले रहे है। प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 दिन तक चलेगा तथा श्री अन्न के तरह-तरह के उत्पादों को बनाने व विपणन समन्धित जानकारी दी जाएगी।

