सुख आश्रय योजना: अनाथ बच्चों के सशक्तिकरण की दिशा में अनूठी पहल
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (बिलासपुर ) 25 जनवरी। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित सुख आश्रय योजना के तहत अनाथ बच्चों के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए नई पहल की गई है। इसी क्रम में, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने नया सवेरा दिव्यांग शिक्षा संस्थान नसवाल के 19 ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को एक दिवसीय भ्रमण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा के दौरान बच्चों को श्री नैना देवी माता जी के दर्शन कराए जाएंगे।

मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश के लगभग 6000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा देकर उनकी शिक्षा, कल्याण, और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कानून बनाया है। सुख आश्रय योजना का उद्देश्य न केवल इन बच्चों के कल्याण के लिए काम करना है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायता प्रदान करना है।
भ्रमण के लाभ:
धार्मिक स्थलों का अनुभव कराना।
सांस्कृतिक और सामाजिक जानकारियां प्रदान करना।
बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण को बढ़ावा देना।
मनोरंजन के साथ-साथ मानसिक और शैक्षिक विकास।
मंत्री ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने अनाथ बच्चों के सशक्तिकरण के लिए ऐसा कानून बनाया है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहे।
सरकार की प्रतिबद्धता:
सरकार आगे भी समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए ऐसे प्रयास जारी रखेगी। यह पहल इन बच्चों को बेहतर भविष्य देने और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिकता विभाग की ओर से जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश मिश्रा उपस्थित रहे।

