कुल्लवी बोली प्रतियोगिता में बच्चों ने कुल्लवी संस्कृति, वेशभूषा तथा कुल्लवी जनजीवन पर रखे अपने विचार

कुल्लवी बोली प्रतियोगिता में बच्चों ने कुल्लवी संस्कृति, वेशभूषा तथा कुल्लवी जनजीवन पर रखे अपने विचार

डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (कुल्लू ) 3 जुलाई। शुक्रवार को भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश जिला कुल्लू द्वारा देव सदन सभागार में ‘हमारी बोली एवं संस्कृति’ नामक विषय पर पांचवी कक्षा तक के बच्चों के लिए भाषण प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया जिसमें की जिला कुल्लू की 25 पाठशालाओं के 51 बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत बंदे मातरम से किया गया। इस प्रतियोगिता में राजकीय प्राथमिक विद्यालय मन्यासी, सैंज के आयुष्मान ने प्रथम स्थान, राजकीय प्राथमिक विद्यालय पनिहार, बंजार की समायरा ने द्वितीय स्थान, राजकीय प्राथमिक विद्यालय हुरन ,मणिकर्ण की आरवी ने तृतीय स्थान, तथा राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर की स्मृति ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में सहायक लोक संपर्क अधिकारी जयप्रकाश शर्मा, कुल्लवी बोली विशेषज्ञ पल्लवी ठाकुर तथा राज सरगम रहे। इस कार्यक्रम में मंच का संचालन मानवी शर्मा द्वारा सुंदर व बच्चों के लिए प्रेरणादायक शब्दों से किया गया।कार्यक्रम में जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया द्वारा विजेता बच्चों को मोमेंटो और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि स्थानीय बोलियों को लुप्त होने से बचाने के लिए तथा भावी पीढ़ी को कुल्लवी बोली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उत्साह से प्रयास और अभ्यास करते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता को करवाने का विभाग का मुख्य उद्देश्य बच्चों में अच्छे संस्कार और अपनी संस्कृति के प्रति जागरूकता व सम्मान की भावना जागृत करना रहा। उन्होंने बच्चों के साथ-साथ अध्यापकों और अभिभावकों को भी बच्चों को अपनी बोली, संस्कारों और संस्कृति के बारे में जागरूक करने के लिए निवेदन किया। इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ विभिन्न पाठशालाओं के अध्यापक और अभिभावक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ किया गया।

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