महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक : विद्या नेगी
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (मंडी ) 29 जुलाई। महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध संरक्षण तंत्र के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा मंगलवार को मंडी स्थित राज्य प्रशिक्षण केंद्र, ढांगसीधार के प्रमुख संसाधन केंद्र में एक दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में काउंसलर्स, चिकित्सा विशेषज्ञों, वन स्टॉप सेंटर कर्मियों, पुलिस अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा संरक्षण अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी ने की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को अपने कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी महिला के व्यक्तिगत या सामूहिक अधिकारों का हनन होता है अथवा उसे समान अधिकारों से वंचित किया जाता है, तो वह संबंधित विभाग, पुलिस, न्यायालय अथवा राज्य महिला आयोग से सहायता प्राप्त कर सकती है।
विद्या नेगी ने कहा कि राज्य महिला आयोग महिलाओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करवाता है। आयोग निःशुल्क परामर्श उपलब्ध कराने के साथ ही पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग में शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को महिलाओं के पुलिस संबंधी अधिकार, पूछताछ एवं गिरफ्तारी के दौरान प्राप्त कानूनी संरक्षण, एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम-2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, बलात्कार संबंधी कानूनी प्रावधान, भरण-पोषण के अधिकार तथा महिला सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटरों की भूमिका तथा संकटग्रस्त महिलाओं को त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
जिला कल्याण अधिकारी अजय बदरेल ने प्रतिभागियों को वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी। डॉ. राजीव कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संकट की स्थिति में पीड़ित महिलाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। विधि अधिकारी यशपाल शर्मा ने वन स्टॉप सेंटर से संबंधित अधिनियमों एवं कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।
डीएसपी (मुख्यालय) दिनेश कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, महिला हेल्पलाइन सेवाओं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या अपराध की स्थिति में बिना संकोच पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव बुशरा अंसारी ने प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को न्याय एवं सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, चंबा एवं लाहौल स्पीति जिलों के वन स्टॉप सेंटरों के कर्मचारी तथा संबंधित अधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य रीना पुंडीर, सरोज शर्मा एवं रीना द्रोच, पुलिस विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।


