जिला सिरमौर में प्रदेश सरकार की योजनाओं से मजबूत हो रहा वन संरक्षण का अभियान
डेली पब्लिक लाइव न्यूज़ (नाहन) 25 जुलाई ।बदलते जलवायु परिदृश्य और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन संरक्षण एवं संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार न केवल वन क्षेत्र के विस्तार पर बल दे रही है, बल्कि जनभागीदारी को इस अभियान का आधार बनाकर पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप भी प्रदान कर रही है। इसी दिशा में जिला सिरमौर का वन विभाग विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारते हुए प्रदेश को हरित और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्रदेश सरकार की सोच स्पष्ट है कि वन केवल प्राकृतिक धरोहर नहीं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता, जलवायु संतुलन और ग्रामीण आजीविका के सशक्त आधार हैं। इसी दृष्टिकोण के साथ विभिन्न पौधारोपण कार्यक्रमों में युवक मंडलों, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों तथा स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इससे एक ओर पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के अंतर्गत जिला सिरमौर में वर्ष 2024-25 के दौरान 55 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण कार्य किया गया। इस अवधि में 27,500 पौधे लगाए गए, जिन पर लगभग 1 करोड़ 3 लाख 50 हजार रुपये व्यय किए गए। योजना की सफलता को देखते हुए वर्ष 2026-27 में 88 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह प्रयास प्रदेश सरकार की हरित हिमाचल की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वन संरक्षण में जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री ग्रीन अडॉप्शन योजना भी जिला सिरमौर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत नाहन वन मंडल के क्षेत्र में वर्ष 2025-26 के दौरान 5 हेक्टेयर भूमि पर 1,000 पौधों का रोपण किया गया। इस योजना का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि नागरिकों को उनके संरक्षण की जिम्मेदारी से भी जोड़ना है, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में घने वनों का रूप ले सकें।
इसके अतिरिक्त जिला सिरमौर में ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान भी जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। वन विभाग ने विद्यालयों, युवक मंडलों, महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से व्यापक स्तर पर पौधों का वितरण किया। इस अभियान के तहत जिला सिरमौर में 59,100 पौधे वितरित किए गए। हजारों लोगों ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
जिला सिरमौर में मुख्यमंत्री वन संवर्धन योजना के तहत वर्ष 2025-26 में विभिन्न युवक मंडलों, स्वयंसहायता समूहों और महिला मंडलों के माध्यम से प्रति हेक्टेयर 800 पौधे लगाए गए, जिस पर एक लाख बीस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की राशि व्यय की गई। इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल 141 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है, जिसमें कुल 1 लाख 12 हजार 800 पौधे लगाए गए हैं तथा कुल 1 करोड़ 69 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं। इस योजना के अंतर्गत कुल 52 युवक मंडलों एवं महिला मंडलों को पौधारोपण के साथ-साथ रोजगार का अवसर भी प्राप्त हुआ है।
पौध रोपण कर रहे कौलावालाभूड़ निवासी जीवन लाल, तकीमोहम्द और यश का कहना है कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे पौधा रोपण कार्यक्रम बहुत ही सराहनीय है जिसके तहत वह कौलावालाभूड़ क्षेत्र में पौधा रोपण कर रहे है। वह बताते है कि पौधों का मानव जीवन के साथ-साथ घरेलु आवश्यकताओं, वन्य प्राणी तथा प्रकृति के संतुलन में बहुत बड़ा योगदान है, पेड़-पौधे जहां एक ओर हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति करते है वहीं बारिश लाने तथा भूमि कटाव जैसी समस्याओं को भी कम करने में सहायक सिद्ध होते है। वह बताते है कि उनके द्वारा रोपित किए जा रहे पौधे न केवल उनके लिए बल्कि आगामी पीढ़ी के लिए भी लाभदायक होंगे।
वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे इन अभियानों का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण, स्थानीय समुदायों की सहभागिता और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना भी है। यही कारण है कि आज सिरमौर में वन संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता का सशक्त अभियान बन चुका है।
प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों और जिला सिरमौर के वन विभाग के समर्पित प्रयासों से हर वर्ष हजारों नए पौधे धरती को हरियाली की नई सौगात दे रहे हैं। यह अभियान आने वाले समय में न केवल प्रदेश की वन संपदा को समृद्ध करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन, जैव विविधता के संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा। हर लगाया गया पौधा एक हरित, सुरक्षित और समृद्ध हिमाचल की ओर बढ़ता हुआ सशक्त कदम है।


